SRH vs PBKS: आज बुधवार, 6 मई को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में पंजाब किंग्स के हेड कोच रिकी पोंटिंग के सब्र का बांध टूटता नजर आया. एक के बाद एक छूटते कैचों ने पोंटिंग को इतना हताश कर दिया कि मैदान पर उनका गुस्सा साफ दिखने लगा. आईपीएल 2026 सीजन में पंजाब की खराब फील्डिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हद तो तब हो गई जब महज तीन ओवरों के भीतर कूपर कोनोली, शशांक सिंह और लॉकी फर्ग्यूसन ने ‘लड्डू’ जैसे आसान कैच टपका दिए.
जब पोंटिंग का पारा चढ़ गया
10वें ओवर के आसपास जब पोंटिंग ब्रॉडकास्ट इंटरव्यू दे रहे थे, तभी यह पूरा ड्रामा हुआ. कोनोली और शशांक पहले ही ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन का कैच छोड़ चुके थे. पोंटिंग अभी उन गलतियों पर अपनी प्रतिक्रिया दे ही रहे थे कि उनके सामने ही मिड-विकेट पर फर्ग्यूसन ने एक और आसान कैच छोड़ दिया. लगातार तीसरे ड्रॉप कैच के बाद पोंटिंग ने झल्लाते हुए कहा, ‘मेरा मन कर रहा है कि यह माइक उठाकर अभी मैदान में फेंक दूं.’
गलतियों का सिलसिला
आठवां ओवर में कूपर कोनोली ने फर्ग्यूसन की गेंद पर ईशान किशन (9 रन) का बेहद आसान कैच डीप स्क्वायर-लेग पर छोड़ दिया. नौवां ओवर में युजवेंद्र चहल की गेंद पर शशांक सिंह ने डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर कैच टपकाया. शशांक के लिए यह बुरा सपना जैसा है पिछले तीन मैचों में यह उनका पांचवां ड्रॉप कैच था.
इंटरव्यू के दौरान पोंटिंग जब लाइव बात कर रहे थे, तभी फर्ग्यूसन ने किशन को 18 के स्कोर पर एक और जीवनदान दे दिया. बेचारे चहल तो यकीन ही नहीं कर पा रहे थे और हताशा में मैदान पर ही बैठ गए. इतना ही नहीं, स्ट्रैटेजिक टाइमआउट में पोंटिंग खुद मैदान पर जाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाकर आए थे, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा. चहल के अगले ओवर में विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने स्टंपिंग का मौका भी गंवा दिया.
शशांक के पीछे पड़ा है कोई वायरस
मैच के बाद पोंटिंग ने साफ कहा कि खराब फील्डिंग के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा, खासकर तब जब टीम ने एक दिन पहले ही लाइट्स के नीचे जमकर प्रैक्टिस की थी. हालांकि, उन्होंने शशांक सिंह का बचाव भी किया.
पोंटिंग ने सहानुभूति जताते हुए कहा, ‘सच कहूं तो यह हमारे लिए किसी वायरस जैसा हो गया है. इस सीजन हमने बहुत कैच छोड़े हैं. लड़के बहुत मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बेचारे शशांक की किस्मत ही खराब चल रही है. ऐसा लग रहा है जैसे कैच उनका पीछा कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे बताया कि शशांक हैमस्ट्रिंग की चोट के बाद वापसी कर रहे हैं और पिछले एक हफ्ते से उन्होंने कैचिंग पर काफी पसीना बहाया है, लेकिन मैदान पर उनकी किस्मत साथ नहीं दे रही.
गलतियों की भारी कीमत
हैदराबाद के बल्लेबाजों ने इन मौकों का पूरा फायदा उठाया. ईशान किशन ने 55 रन जोड़े, वहीं हेनरिक क्लासेन ने सिर्फ 32 गेंदों में अपना अर्धशतक ठोक दिया. इन जीवनदानों की मदद से सनराइजर्स हैदराबाद ने राजीव गांधी स्टेडियम में महज 17.1 ओवरों में ही 200 का आंकड़ा पार कर लिया और पंजाब के सामने पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया.