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IPL के शोर के बीच पसरा मातम, पंजाब किंग्स के पूर्व क्रिकेटर का निधन, 36 की उम्र में कहा अलविदा

Amanpreet Singh Gill: पंजाब किंग्स के पूर्व क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल ने 36 साल की उम्र में दुनिया को छोड़ दिया है. वह पिछले 6 महीने से बीमार चल रहे थे और गंभीर बीमारी के कारण उनका निधन हो गया.

By: Satyam Senger | Published: May 6, 2026 7:49:18 PM IST



पंजाब किंग्स के पूर्व  क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है, जिससे भारतीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. पूर्व तेज गेंदबाज ने भारत अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया था और आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए भी खेल चुके थे. उनका निधन बुधवार, 6 मई को हुआ. वह पिछले 6 महीने से बीमार चल रहे थे और गंभीर बीमारी के कारण उनका निधन हो गया. यह खबर सच में भारतीय क्रिकेट के लिहाज से बेहद दुखद है.

सितंबर 1989 में चंडीगढ़ में जन्मे अमनप्रीत अपने क्रिकेट करियर के बाद पंजाब की सीनियर चयन समिति के सदस्य के रूप में भी कार्यरत थे. उनके अचानक निधन से पंजाब क्रिकेट जगत को बड़ा झटका लगा है. पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने आधिकारिक बयान जारी कर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन पूर्व पंजाब क्रिकेटर और सीनियर चयन समिति सदस्य अमनप्रीत सिंह गिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है.” एसोसिएशन ने उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा, “हम दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं.”

4 बजे हुआ अंतिम संस्कार
PCA ने यह भी जानकारी दी कि अमनप्रीत सिंह गिल का अंतिम संस्कार बुधवार शाम 4:00 बजे चंडीगढ़ के मनीमाजरा श्मशान घाट में किया जाएगा. अमनप्रीत के निधन की खबर ने पंजाब क्रिकेट जगत को झकझोर कर रख दिया है. इस प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज रहे अमनप्रीत 2007 में श्रीलंका में आयोजित अंडर-19 ट्राई-सीरीज में भारत अंडर-19 टीम का हिस्सा थे, जिसमें बांग्लादेश भी शामिल था. उस टीम में उनके साथ भविष्य के भारतीय सितारे विराट कोहली और मनीष पांडे भी मौजूद थे.
अमनप्रीत का करियर
अमनप्रीत ने उस टूर्नामेंट में पांच मैचों में नौ विकेट झटके और फाइनल में बांग्लादेश अंडर-19 के खिलाफ 2/14 की मैच जिताऊ गेंदबाजी कर भारत को 129 रन की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 2006-07 से 2008-09 रणजी ट्रॉफी सीजन के बीच पंजाब के लिए छह फर्स्ट क्लास मैच खेले. भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन खेल से उनका जुड़ाव चयनकर्ता और प्रशासक के रूप में लगातार बना रहा. उनका निधन पंजाब क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है.

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