नई दिल्ली. क्रिकेट इतिहास में 15 मार्च का दिन बहुत ही खास है. ये वो दिन है जब कई वर्षों से खेले जा रहे क्रिकेट के खेल को मूर्त रूप मिला. करीब 142 साल पहले 15 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दरम्यान मेलबर्न में पहला टेस्ट मैच खेला गया. उस समय मेलबर्न शहर की उम्र महज 42 वर्ष थी. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस पहले टेस्ट मैच में कई कीर्तिमान बने. ये टेस्ट मैच 15 से 19 मार्च के बीच खेला गया.

इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डेव ग्रेगोरी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. कंगारू टीम की ओर से पारी की शुरुआत करने चार्ल्स बेनरमैन और नेट थामसन आए. इंग्लिश टीम की ओर से बॉलिंग की जिम्मेदारी अल्फर्ड शॉ ने संभाली. टेस्ट मैच की पहली गेंद फेंकने रिकॉर्ड अल्फर्ड शॉ के नाम है उसी तरह टेस्ट क्रिकेट की पहली गेंद का सामना करने का रिकॉर्ड चार्ल्स बेनरमैन के नाम है.

सलामी बल्लेबाज नेट थामसन ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं पाए और उन्हें इंग्लिश बॉलर एलन हिल ने बोल्ड आउट किया थामसन महज 1 बनाकर आउट हुए. एलन हिल टेस्ट क्रिकेट में आउट होने वाले पहले क्रिकेटर हैं. इसके बाद दाहिने हाथ के बल्लेबाज टॉम होरेन बैटिंग करने आए और वह 12 बनाकर चलते बने. टॉम होरेन को अल्फर्ड शॉ ने बोल्ड किया. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डेव ग्रेगोरी भी विकेट पर टिक न सके और वह 1 रन पर रन आउट हो गए.

जहां एक तरफ ऑस्ट्रेलिया के विकेट लगातार गिर रहे थे वहीं दूसरी तरफ ओपनर बैट्समैन चार्ल्स बेनरमैन इंग्लिश बॉलर्स पर जबदस्त प्रहार कर रहे थे. चार्ल्स बेनरमैन ने 165 रनों की नाबाद पारी खेली और वह रिटायर्ड हर्ट हुए. चार्ल्स बेनरमैन को टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक लगाने के लिए याद किया जाता है. बेनरमैन ने अपनी इस पारी में 18 चौके लगाए थे. पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में 245 रनों पर ऑल आउट हो गई.

इंग्लैंड की ओर से अल्फर्ड शॉ और जेम्स साउथरटन ने बॉलिंग में कहर बरपाया. इन दोनों गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के 3-3 बल्लेबाजों को आउट किया. इनके अलावा एलन हिल और इंग्लिश कप्तान जेम्स लिलीव्हाइट को 1-1 विकेट मिला.

पहली पारी में इंग्लैंड की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. हैरी जप के साथ पारी शुरुआत करने आए जॉन सेलबी 7 रन बनाकर आउट हो गए. जॉन हॉग्स की गेंद पर उनका कैच ब्रान्सबी कूपर ने लपका. इसके बाद हैरी जप और हैरी चार्लवुड ने इंग्लैंड को संभालने की कोशिश की. हैरी चार्लवुड 36 रन बनाकर बिली मिडविंटर की गेंद पर आउट हुए. हैरी जप एक छोर पर डटे रहे और वह 63 रन बनाकर आउट हुए. उन्हें ऑस्ट्रेलियाई बॉलर टॉम गैरेट ने आउट किया.

बिली मिडविंटर ने इंग्लिश टीम के मध्यक्रम को तहस नहस कर दिया. इस तरह इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 196 रनों पर ऑल आउट हो गई. मिडविंटर ने इंग्लैंड के सर्वाधिक 5 विकेट झटके. उनके अलावा टॉम गैरेट को 2 विकेट जबकि जॉन हॉग्स, टॉम केंडल और नेट थामसन को 1-1 विकेट मिला. मिडविंटर टेस्ट मैच में 5 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले बॉलर बने.

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज इंगलैंड के गेंदबाज अल्फर्ड शॉ के आगे असहाय नजर आए. पहली पारी के शतकवीर चार्ल्स बेनरमैन दूसरी पारी में महज 4 रन बना सके. जबकि दूसरे सलामी बल्लेबाज नेट थामसन दूसरी पारी में भी कोई करिश्मा नहीं कर सके और वह 7 बनाकर आउट हुए. ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में सबसे ज्यादा 20 रन टॉम होरेन ने बनाए. उनके बाद बिली मिडविंटर और टॉम केंडल ने 17-17 रनों की पारियां खेलीं. ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में 104 रनों पर ढेर हो गई. इंग्लैंड के बॉलर अल्फर्ड शॉ ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए. उनके अलावा जॉर्ज यूलियट को 3 जबकि एलन हिल और जेम्स लिलीव्हाइट को 1-1 विकेट मिला.

इंग्लिश टीम को पहला टेस्ट मैच जीतने के लिए 154 रनों की दरकार थी. इंग्लैंड की टीम जब अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो उसका भी वही हश्र हुआ जो दूसरा पारी में ऑस्ट्रेलिया का हुआ था. कंगारू बॉलर टॉम केंडल की फुफकारती गेंदों का सामना करना इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल हो गया. इंग्लैंड की और से दूसरी पारी में सबसे ज्यादा 38 रन जॉन सेलबी ने बनाए. उनके अलावा जॉर्ज यूलियट 24 रन बनाकर दूसरे टॉप स्कोरर रहे.

टॉम केंडल की बॉलिंग का ये आलम था कि इंग्लैंड के 7 खिलाड़ी दहाई का अंक भी नहीं छू सके. इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 108 रनों पर ऑल आउट हो गई. ऑस्ट्रेलियाई बॉलर टॉम केंडल ने दूसरी पारी में 55 रन देकर इंग्लैंड के 7 विकेट लिए थे. उऩके अलावा जॉन हॉग्स ने इंग्लैंड के 2 खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई जबकि एक विकेट बिली मिडविंटर को मिला. इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने इस पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 45 रनों से हराकर पहली टेस्ट जीत दर्ज की.

इंग्लैंड के क्रिकेटर जेम्स साउथरटन ने 49 साल और 119 दिन की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया. सबसे अधिक उम्र में टेस्ट डेब्यू करने का रिकॉर्ड आज भी उन्हीं के नाम है. इंग्लैंड के बॉलर जॉर्ज यूलियट की गेंद पर चार्ल्स बेनरमैन की दाहिने हाथ की उंगली में फ्रैक्टर हो गया. जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी जगह पर फील्डिंग डब्ल्यू न्यूइंग ने की थी. इस तरह न्यूइंग दुनिया के पहले सब्टिट्यूड फील्डर के नाम से जाने गए.

दोनों देशों के बीच खेला गया ये टाइमलेस टेस्ट मैच था. टाइमलेस टेस्ट मैच उसे कहते हैं जिसमें समय की पाबंदी न हो और मैच तब तक खेला जाए जब उसका परिणाम न निकले. हालांकि ये टेस्ट मैच 4 दिनों में समाप्त हो गया था. इस टेस्ट मैच में प्रति ओवर 4 गेंदें फेंकी गईं. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में खेले गए इस टेस्ट मैच में पहले दिन 4,500, दूसरे दिन 4,000, तीसरे दिन 10,000, और चौथे दिन 2,000 दर्शक मैच का लुत्फ उठाने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर पहुंचे थे.

पहले टेस्ट मैच की खास बात ये थी कि ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलने वाले ज्यादातर खिलाड़ियों का जन्म ब्रिटेन में हुआ. कंगारू टीम में सिर्फ 4 खिलाड़ी ऐसे थे जो ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुए और जिन्हें टीम में शामिल किया गया. द डेमॉन यानी दानव के नाम से मशहूर ऑस्ट्रेलियाई बॉलर फ्रेड स्पोफोर्थ पहले टेस्ट मैच में नहीं खेले थे. उन्होंने इस टेस्ट मैच में इसलिए नहीं खेला क्योंकि वह चाहते थे कि न्यूसाउथ वेल्स के विकेटकीपर बिली मुर्डोक को टीम में शामिल किया जाए लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम में बिली मुर्डोक को जगह नहीं मिली. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच दशकों से खेली जा रही एशेज सीरीज को जन्म देने का श्रेय फ्रेड स्पोफोर्थ को दिया जाता है.

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