नई दिल्ली. चोट से उबर रहे भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा इस साल एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करेंगे. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) की चयन समिति के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में हिस्सा लेंगे. एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में खेले जाएंगे. नीरज पहले ही दोनों प्रतियोगिताओं के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं और अब तेजी से फिटनेस हासिल कर रहे हैं.
पीठ की चोट के कारण नीरज चोपड़ा इस सीजन की शुरुआत देर से कर पाए थे. उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी करते हुए 85.69 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और चौथे स्थान पर रहे. आदिल सुमारिवाला ने कहा कि चोट के बाद पहले ही मुकाबले में इतना शानदार प्रदर्शन करना नीरज की बेहतरीन तैयारी का संकेत है. उन्होंने भरोसा जताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स तक नीरज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट आएंगे. पिछली बार उन्होंने 88.88 मीटर का थ्रो कर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता था.
एशियन गेम्स में होगी कड़ी टक्कर
इस बार एशियन गेम्स में नीरज चोपड़ा के सामने आसान चुनौती नहीं होगी. श्रीलंका के उभरते स्टार रुमेश थरंगा पाथिरागे ने इस साल 90 मीटर से ज्यादा दूरी तक भाला फेंका है और दो डायमंड लीग खिताब भी जीते हैं. वहीं पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम के भी इस प्रतियोगिता में उतरने की उम्मीद है. ऐसे में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा काफी रोमांचक रहने वाली है. हालांकि एएफआई ने यह फैसला नीरज और उनकी मेडिकल टीम पर छोड़ दिया है कि वे कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले किसी अन्य प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे या नहीं.
विश्व एथलेटिक्स की मेजबानी पर भी भारत की नजर
एएफआई सिर्फ खिलाड़ियों की तैयारी पर ही नहीं, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी पर भी ध्यान दे रहा है. भारत ने अहमदाबाद में 2028 विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप और 2029 या 2031 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की है. विश्व एथलेटिक्स की टीम अहमदाबाद का दौरा कर वहां की सुविधाओं का निरीक्षण भी कर चुकी है. मेजबान देश का फैसला सितंबर में होगा. एएफआई को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी इस बार पिछले एशियन गेम्स से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे.