नई दिल्ली. विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया का सपना इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने का उस समय चुर-चूर हो गया जब इंग्लैंड ने साउथैम्पटन टेस्ट में भारतीय टीम को जीतने के लिए 245 नहीं बनाने दिए. भारतीय टीम दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे ताश के पत्तों की तरह ढह गई. टेस्ट सीरीज की शुरुआत में ये माना जा रहा था कि भारतीय टीम कई वर्षों बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतेगी लेकिन लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

साउथैम्पटन टेस्ट में जीत के लिए 245 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 184 रनों पर ढेर हो गई. भारत की तरफ से दूसरी पारी में विराट कोहली 58 रन और अजिंक्य रहाणे के अलावा कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे टिक न सका और तू चल मैं आया की तर्ज पर आउट होते रहे. इंग्लैंड ने भारत को साउथैम्प्टन टेस्ट में 60 रनों से हराकर सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली.

भारत को साउथैम्पटन टेस्ट में हराने के लिए कोई और नहीं बल्कि उनके अपनी ही खिलाड़ी जिम्मेदार हैं. टीम इंडिया को अपने कुछ खास खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन कई उम्मीद थी लेकिन उन खिलाड़ियों ने टीम के लिए विलेन का रोल अदा किया. आइए जानते हैं वे कौन से विलेन खिलाड़ी हैं जिनके वजह से टीम इंडिया को साउथैम्पटन टेस्ट में हार मिली.

के एल राहुल

कप्तान विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गज खिलाड़ी को टीम से बाहर कर के एल राहुल को टीम में शामिल किया. भारतीय टीम को के एल राहुल से बहुत उम्मीदे थीं लेकिन राहुल अभी तक इंग्लैंड दौरे पर असफल रहे हैं. तब से लेकर चौथे टेस्ट मैच तक के एल राहुल ने टीम को निराश किया है. चौथे टेस्ट मैच की पहली पारी में राहुल ने महज 19 रन बनाए वहीं दूसरी पारी में वह बगैर खाता खोले आउट हो गए जिसके चलते टीम दबाव में आ गई.

शिखर धवन

एजबेस्टन में पहले टेस्ट में खराब पदर्शन के चलते विराट कोहली ने शिखर धवन को बाहर कर दिया और उसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट हारने के बाद शिखर को मुरली विजय की जगह पर टीम में फिर शामिल किया. शिखर का बल्ले तीसरे टेस्ट मैच से लेकर चौथे मैच का शांत रहा. साउथैम्पटन टेस्ट मैच की पहली पारी में धवन ने 23 रन बनाए वहीं दूसरी पारी में वह केवल 17 रन ही बना सके. शिखर के लचर प्रदर्शन के चलते टेस्ट सीरीज भारत के हाथ से निकल गई.

हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या से विराट कोहली को बहुत उम्मीदे थीं. साउथ अफ्रीका में एक पारी खेलकर उन्होंने खूब वाहवाही बटोरी थी. कुछ लोगों हार्दिक की तुलना कपिल देव से की थी. लेकिन इंग्लैंड में हार्दिक पांड्या एक ऑलराउंड प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं जिसका परिणाम टीम को भुगतना पड़ रहा है. हार्दिक साउथैम्पटन टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ एक विकेट लेने में सफल रहे इसके अलावा उन्होंने महज 4 रन बनाए. दूसरी पारी में विराट को पांड्या से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन पांड्या ने एक बार फिर अपने कप्तान को निराश किया. हार्दिक ने दूसरी पारी में 9 ओवर फेंके और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. इसके अलावा वह बल्लेबाजी के दौरान अपना खाता भी नहीं खोल पाए जिसके चलते टीम को हार का सामना करना पड़ा.

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