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भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने अपने क्रिकेट करियर पर बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने लोगों की यह सोच बदल दी कि वह केवल टेस्ट क्रिकेट के खिलाड़ी हैं. राहुल ने माना कि उनका T20I करियर वैसा नहीं रहा जैसा उन्होंने सोचा था, लेकिन उन्हें खुशी है कि वह सिर्फ रेड-बॉल स्पेशलिस्ट की छवि से बाहर निकल पाए. पिछले महीने उन्होंने दिल्ली के लिए 64 गेंदों में 152 रन की विस्फोटक पारी खेली, जो प्रतियोगिता के इतिहास में किसी भारतीय का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है.
जियोहॉटस्टार से बातचीत में राहुल ने कहा, “दस साल पहले मैं T20 टीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी कर देता. मुझे कभी T20 खिलाड़ी नहीं माना गया और न ही अच्छा व्हाइट-बॉल प्लेयर समझा गया; मुझे टेस्ट खिलाड़ी का टैग दिया गया था. उस छवि को बदलना, अपने व्हाइट-बॉल गेम को विकसित करना और यहां तक पहुंचना मेरे लिए गर्व की बात है. इस सफर में मुझसे गलतियां भी हुईं और कुछ चीजें मैं बेहतर कर सकता था.”
राहुल ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की, “मुझे इस बात पर गर्व है कि जब भी मैं मैदान पर उतरा, मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया और खुद को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी की. यही खेल है, हर बार चीजें आपके मुताबिक नहीं होतीं.” उन्होंने यह भी कहा कि करियर के उतार-चढ़ाव से निपटने में सही नजरिया बहुत जरूरी है. “आपको हर चीज को सहजता से लेना होता है और सफर का आनंद लेना होता है. जब भी मैं इस बात से निराश होता हूं कि मैंने क्या हासिल नहीं किया, तो मैं खुद को याद दिलाता हूं कि मैंने क्या पाया है. इससे मुझे सही नजरिया मिलता है. अभी मेरे पास समय है, इसलिए मैं कोशिश करता रहूंगा और देखूंगा कि कितनी ट्रॉफियां जीत सकता हूं.”
राहुल ने बताया कि पिता बनने के बाद उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल गई हैं. वह और उनकी पत्नी, अभिनेत्री आथिया शेट्टी पिछले साल एक बेटी के माता-पिता बने थे. “पिता बनना मेरे जीवन की सबसे खूबसूरत चीज रही है. जब तक आप अपने बच्चे को गोद में नहीं लेते, तब तक असली खुशी, शांति और आनंद का मतलब समझ नहीं आता. जब मैं उसकी मुस्कान देखता हूं, जब वह मुझे गले लगाती है और किस करती है, तो मेरी सारी चोटें, दर्द और चिंताएं भूल जाती हैं. इससे पिछले एक साल में मेरे क्रिकेट को भी बहुत मदद मिली है.”