नई दिल्ली. क्रिकेट रिकॉर्ड्स का खेल है। मैच के दौरान मैदान पर कोई न कोई रिकॉर्ड जरूर कायम होता है. कई क्रिकेटर्स के नाम ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जो वाकई में अद्भुत हैं. आइए आज हम आपको ऐसे ही कुछ दिलचस्प क्रिकेट रिकॉर्ड्स से रूबरू कराते हैं.

कपिल देव
पूर्व भारतीय कप्तान और महान ऑल राउंडर कपिल देव भारत की तरफ से वनडे में शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर हैं. कपिल देव ने ये कारनामा 1983 में क्रिकेट विश्व कप के दौरान किया. 20 मार्च 1983 को भारत ने नेविल ग्राउंड पर जिंब्बावे के खिलाफ खेला. भारत की शुरुआत ठीक नहीं रही और टीम इंडिया के दोनों ओपनर सुनील गावस्कर और श्रीकांत बगैर खाता खोले आउट हो गए। मोहिंदर अमरनाथ और संदीप पाटिल भी कुछ खास नहीं कर सके। टीम इंडिया ने 17 रन पूरे होने तक 5 विकेट गवां दिए थे। इस संकट की घड़ी में कप्तान कपिल देव ने मोर्चा संभाला।

कपिल देव ने शुरू से ही आक्रामक रुख अख्तियार किया। उन्होंने कातिलाना बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। कपिल देव ने इस मैच में नॉट आउट 175 रन बनाए थे. कपिल देव की शतकीय पारी के चलते भारत ने जिम्बाब्वे को 31 रनों से हराया था. उनकी इस पारी का शुमार आज भी क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारियों में किया जाता है. भारत की तरफ से वनडे में सबसे पहला शतक लगाने का रिकॉर्ड कपिल देव के नाम है.

सईद अजमल
पाकिस्तान के रहस्यम ऑफ स्पिनर सईद अजमल को भला कौन नहीं जानता है। बड़े-बड़े बल्लेबाजों को उन्होंने अपने करिश्माई गेंदों से पवेलियन की राह दिखाई। सईद अजमल ने 113 एकदिवसीय मैच खेले और 184 विकेट झटके। ये जानकर बड़ा ताज्जुब होता है इतने मैच खेलने के बावजूद उन्हें कभी मैन ऑफ द मैच का अवार्ड नहीं मिला। ओडीआई में उनका सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग प्रदर्शन 24/5 विकेट है।

सचिन तेंदुलकर
टेस्ट और वनडे मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम रणजी मैचों में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। रणजी ट्रॉफी मैचों में सचिन केवल एक ही बार डक आउट हुए हैं। सचिन को भुवनेश्वर कुमार ने डक आउट किया था.

नयन मोंगिया
भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज नयन मोंगिया ने टीम इंडिया के लिए सभी 140 वनडे मैच लगातार खेले और 1272 रन बनाए. इस दौरान नयन मोंगिया ने 2 अर्धशतक भी लगाए. वनडे में 69 रन उनका सर्वाच्च स्कोर रहा। इतने मैच खेलने के बावजूद नयन मोंगिया को कभी मैन ऑफ द मैच का अवार्ड नहीं मिला.

इंजमाम-उल-हक
बहुत कम लोगों को पता होगा कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक कभी-कभी बॉलिंग भी करते थे. उन्होंने अपने पूरे करिअर के दौरान वनडे में 58 गेंदे फेंकी. ये जानकर हैरानी होगी कि वनडे मैच में इंजमाम ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लिया है। 24 नवंबर 1991 को फैसलाबाद में इंजमाम-उल-हक ने ब्रायन लारा को मोइन खान के हाथों कैच आउट कराया था.

डेल स्टेन
यूं तो पिछले कुछ वर्षों में कई तेज बॉलर आए और गए लेकिन साउथ अफ्रीका के तूफानी बॉलर डेल स्टेन के नाम एक खास रिकॉर्ड दर्ज है. साल 2009, 2010, 2011, 2012 और 2014 में उन्हें दुनिया का कोई भी गेंदबाज नंबर 1 की पोजिशन ने नहीं हटा सका.

वसीम अकरम
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने टेस्ट क्रिकेट में 257 रनों की पारी खेली है. 200 टेस्ट मैच खेलन के बावजूद सचिन तेंदुलकर इतनी बड़ी पारी नहीं खेल पाए. सचिन का टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 248 रन है. वसीम अकरम बॉलिंग ऑलराउंडर थे जबकि सचिन तेंदुलकर विशुद्ध बल्लेबाज.

सनथ जयसूर्या
श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने एशेज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले शेनवार्न से ज्यादा विकेट वनडे मैचों में  लिए हैं. जयसूर्या ने एकदिवसीय में 323 खिलाड़ियों के आउट किया जबकि शेनवार्न के नाम वनडे में 293 विकेट दर्ज हैं.

ग्रीम स्मिथ
साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर ग्रीम के नाम सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 109 टेस्ट मैचों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी की. ग्रीम स्मिथ की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने 53 टेस्ट जीते, 29 हारे, 27 ड्रॉ रहे.

एम एस धोनी
महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया का सबसे बेस्ट फिनिशर माना जाता है। एम एस धोनी आज तक भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर एकदिवसीय मैचों में शतक नहीं लगा पाए. वैसे धोनी ने वनडे में 6 शतक लगाए हैं लेकिन ये सभी शतक उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के मैदानों पर लगाए हैं.

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