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जो रूट को मिली कप्तानी, लेकिन अगला नंबर किसका होगा? स्टीफन फ्लेमिंग ने बताया पूरा प्लान

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद जो रूट को दोबारा टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया है. नए हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने जो रूट के नेतृत्व की तारीफ करते हुए हैरी ब्रूक को भविष्य का बड़ा खिलाड़ी बताया. फ्लेमिंग ने कहा कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से लगातार सफलता दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी.

By: Satyam Sengar | Published: July 31, 2026 3:03:59 PM IST



इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है. युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक को कप्तान बनाए जाने की चर्चाओं के बीच बोर्ड ने अनुभव पर भरोसा जताया. इसके साथ ही इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट में एक नए दौर की शुरुआत हुई है, क्योंकि पूर्व न्यूज़ीलैंड कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को टीम का नया टेस्ट हेड कोच नियुक्त किया गया है. उन्होंने ब्रेंडन मैकुलम की जगह संभाली है.

आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबा और सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद फ्लेमिंग अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने जो रूट की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं. फ्लेमिंग का मानना है कि रूट के अंदर अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है और वह उन्हें दूसरी बार कप्तानी करते हुए सफल बनाने में हर संभव मदद करेंगे.

हैरी ब्रूक के विकास पर रहेगा खास ध्यान

स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि हैरी ब्रूक इंग्लैंड क्रिकेट का भविष्य हैं. उनके अनुसार, कोई भी महान खिलाड़ी पूरी तरह तैयार होकर नहीं आता और लगातार सीखना ही सफलता की पहचान है. फ्लेमिंग ने कहा कि वह ब्रूक को न केवल एक बेहतर बल्लेबाज बल्कि एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में भी विकसित करना चाहते हैं. उनका मानना है कि आने वाले सालों में ब्रूक इंग्लैंड टीम की बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.

इंग्लैंड को फिर दिलाना चाहते हैं लगातार सफलता

फ्लेमिंग ने स्वीकार किया कि ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स के नेतृत्व में इंग्लैंड की ‘बैजबॉल’ शैली ने दुनिया का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन टीम लगातार अच्छे नतीजे नहीं दे सकी. इंग्लैंड आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी जगह नहीं बना पाया और लंबे समय तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका. फ्लेमिंग ने कहा कि वह कप्तानी के दबाव को अच्छी तरह समझते हैं और अब इंग्लैंड क्रिकेट को अपनी सेवाओं से कुछ लौटाने का समय आ गया है. उनका लक्ष्य टीम को दोबारा टेस्ट क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल करना है.

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