वो कहते है ना की असली जिंदगी का मज़ा तब आता है जब इंसान बुरे वक्त से निकलकर दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने के लिए अपने सपनों को पूरा करता है। राजस्थान में धोलपुर के गांव के तनवीर उल हक भी संघर्षों की ही एक ऐसी ही मिसाल हैं. आर्थिक परेशानियों की चुनौतियों से लड़ते हुए तनवीर ने ना सिर्फ नेशनल क्रिकेट तक का सफर तक किया बल्कि आज वो आईपीएल के मुकाम तक खड़े हैं. राजस्थान के तनवीर उल हक मीडियम पेसर गेंदबाज हैं जिन्होंने पिछले रणजी सीज़न में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकार्ड अपने नाम किया था

बैट ना खरीद पाने की मजबूरी ने बनाया बॉलर

तनवीर के परिवार में उनके माता-पिता के साथ उनके दो भाई और एक छोटी बहन है. उनका छोटा भाई ज़हीर एसी और मैकेनिक हैं वहीं पिता दर्जी की काम करते हैं. तनवीर ने इनखबर से खास बातचीत करते हुए बताया की कैसे उनके परिवार ने मुश्किल भरे दिन देखे. क्रिकेटर बनने के सपने के बारे में बताते हुए तनवीर ने कहा कि वो बनना तो बैट्समैन चाहते थे लेकिन इतने पैसे नहीं थे कि वो बैट खरीद सकें लिहाजा उन्होंने बॉलर बनना तय किया. बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने फर्स्ट क्लॉस में 30 मैच में 109, लिस्टज ए के 15 मैच में 24 और 11 टी20 मुकाबलों में 13 विकेट लिए हैं।

आईपीएल से है अच्छे दिन की आस

तनवीर ने बताया की वह अपने सीनियर रोबिन त्यागी जो उनके घर के सामने रहा करते थे उन्हें देखकर और उनके साथ खेलकर क्रिकेट को बारीकी से समझे. तनवीर आज भी रोबिन त्यागी को अपना गुरु मानते हैं.

तनवीर इस आस में भी हैं कि अब आईपीएल में उन्हें किसी टीम से बुलावा आ जाए. हालांकि उनकी पसंदीदा टीम चेन्नई सुपर किंग्स हैं. तनवीर कहते हैं कि वो चाहे किसी भी टीम से खेलें, उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा लेकिन अगर वो चेन्नई से खेलते हैं तो उनके लिए बहुत गर्व की बात होगी क्योंकि वो एमएस धोनी से काफी प्रभावित हैं और उनसे क्रिकेट की कई बारीकियों को समझना चाहते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम आज राजस्थान के इस उभरते हुए सितारे को पहचानते हुए उसे अपने खेमे में लेती है.

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