दिल्लीः राजधानी दिल्ली की डेयरडेविल्स टीम. इस टीम ने आईपीएल-1 में जब शुरुआत की थी तब इसके पास वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ी थी. तब से अब तक आईपीएल के दस संस्करण बीत चुके हैं, लेकिन यह टीम कभी भी आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाई है. फाइनल में पहुंचना क्या, यह टीम कभी भी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई. इस टीम में संगाकारा-जयवर्धने, डुमिनी-डिविलियर्स, वार्नर-होप्स, रसेल-ब्रेथवेट जैसे कई विदेशी खिलाड़ी भी समय-समय पर जुड़े लेकिन कभी भी टीम को खिताबी मुकाबले तक नहीं पहुंचा सकें.

टीम मालिकों का फिर से अनुभव पर जोर

पिछले साल इस टीम ने राहुल द्रविड़ को कोच बनाया और युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया. लेकिन ये खिलाड़ी भी टीम को टाइटल नहीं जीतवा सकें. इस बार टीम के मालिकों ने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण पर जोर दिया है. रिकी पोंटिंग को कोच और गौतम गंभीर को फिर से कप्तान बनाकर दिल्ली डेयरडेविल्स का फिर से भरोसा ‘अनुभव’ पर ही आ गया है. डेयरडेविल्स के इस फैसले ने इस बात की फिर से पुष्टि कर दी है कि अनुभव का कोई मोल नहीं होता.

युवा खिलाड़ी भी नहीं हैं कम

अगर दिल्ली डेयरडेविल्स की इस सीजन की टीम की बात करें तो टीम ने ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर और क्रिस मौरिस को रिटेन किया था. जबकि नीलामी में उन्होंने कैगिसो रबाडा पर राईट टू मैच का कार्ड खेला. पिछले साल संजू सैमसन और करूण नायर जैसे युवाओं पर दांव खेलने वाले दिल्ली डेयरडेविल्स ने इस बार भी युवाओं पर दांव खेला और कोलकाता नाइटराइडर्स की तरह पृथ्वी शॉ, अभिषेक शर्मा और मनोज कालरा को नीलामी में खरीदा. इन युवाओं पर दिल्ली डेयरडेविल्स की नैय्या पार लगाने की जिम्मेदारी होगी.

शीर्ष क्रम खासा मजबूत

अगर दिल्ली डेयरडेविल्स की बैटिंग की बात की जाए तो गौतम गंभीर, पृथ्वी शॉ, जेसन रॉय और कॉलिन मुनरो की उपस्थिति में टीम का शीर्ष क्रम मजबूत है. लेकिन टीम का सिरदर्द होगा कि वह कप्तान गौतम गंभीर के साथ इन तीनों में से किसे ओपनिंग के लिए उतारे. ऐसा भी हो सकता है कि गंभीर खुद नंबर तीन पर आए और इन तीनों में से किसी दो को ओपनिंग के लिए भेजे. वैसे वर्तमान फॉर्म को देखते हुए कॉलिन मुनरो की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है.

मध्यक्रम में खल सकती है अनुभवी बल्लेबाज की कमी

वहीं मध्यक्रम में ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर के साथ गुरकीरत सिंह, मनजोत कालरा, डेनियल क्रिश्चियन, नमन ओझा और ग्लेन मैक्सवेल जैसे खिलाड़ी होंगे. इस तरह मध्यक्रम की जिम्मेदारी काफी हद तक विध्वंसक ग्लेन मैक्सवेल पर टिकी होगी. मध्यक्रम में एक अनुभवी भारतीय खिलाड़ी का ना होना टीम के लिए भारी पड़ सकता है. ऑलराउंडर्स की बात करें तो टीम के पास क्रिस मॉरिस और विजय शंकर जैसे ऑलराउंडर्स हैं. इसके अलावा डेनियल क्रिश्चियन और कॉलिन मुनरो भी गेंदबाजी कर सकते हैं. हालांकि एक स्पिन ऑलराउंडर की कमी टीम को खल सकती है क्योंकि ये सब फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर हैं. राहुल तेवटिया टीम में एकमात्र स्पिन ऑलराउंडर हैं.

अमित मिश्रा के नेतृत्व में बल्लेबाजों को नचा सकते हैं स्पिनर्स

टीम का स्पिन विभाग काफी मजबूत नजर आ रहा है. टीम के पास अमित मिश्रा हैं जिनके नाम आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट और हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड है. वहीं मिश्रा का साथ देने के लिए शाहबाज नदीम, जयंत यादव, युवा अभिषेक शर्मा और नेपाली गुगली गेंदबाज संदीप लामिचाने है. गौतम गंभीर का सिरदर्द इनमें से शीर्ष दो गेंदबाजों को चुनकर टीम में जगह देना होगा.

मोहम्मद शमी की उपलब्धता पर टिका तेज गेंदबाजी विभाग

टीम की तेज गेंदबाजी विभाग भी मजबूत नजर आ रही है. तेज गेंदबाज ऑलराउंडर्स और कगिसो रबाडा, मोहम्मद शमी की उपस्थिति टीम को शुरूआती विकेटों को दिलाने में काफी मदद करेगा. हालांकि मोहम्मद शमी का विवादों में फंसने के कारण खेलना संदिग्ध नजर आ रहा है. अगर ऐसा होता है तो किसी भारतीय सीनियर तेज गेंदबाज की टीम को कमी महसूस हो सकती है. हर्शल पटेल, आवेश खान और सयन घोष शमी की अनुपस्थिति में बने मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. कुल मिलाकर यह टीम बेहद ही संतुलित नजर आ रही है. हालांकि मध्यक्रम में एक अनुभवी भारतीय बल्लेबाज की कमी टीम को खल सकती है.

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