IPL Fight Between Players: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास के शुरुआती बड़े विवादों में से एक 2008 के सीजन के दौरान देखने को मिला था, जब कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के मुकाबले में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और शेन वॉर्न के बीच मैदान पर तीखी बहस हो गई थी. यह घटना तब हुई जब आईपीएल में कोलकाता के लिए बल्लेबाजी कर रहे गांगुली का कैच राजस्थान रॉयल्स के फील्डर ग्रीम स्मिथ ने डीप मिडविकेट पर लेने का दावा किया. आइए जानते हैं कि क्या हुआ था.
दरअसल, शेन वॉर्न की अगुआई वाली राजस्थान टीम को पूरा भरोसा था कि स्मिथ ने कैच साफ तौर पर पकड़ा है और उन्होंने उम्मीद की कि गांगुली तुरंत मैदान छोड़ देंगे. हालांकि, गांगुली ने क्रीज छोड़ने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि गेंद कैच लेने से पहले जमीन को छू सकती है. इसके बाद पूर्व भारतीय कप्तान ने रिप्ले की मांग की, जिसके चलते अंपायरों ने फैसला तीसरे अंपायर को भेजा. टीवी अंपायर असद रऊफ ने रिप्ले देखा और बताया कि ऐसा कोई स्पष्ट सबूत नहीं है जिससे ऑन-फील्ड फैसले को पलटा जा सके.
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गांगुली को दिया गया नॉटाउट
इसके बाद नतीजतन गांगुली को नॉट आउट करार दिया गया. इस फैसले से वॉर्न बेहद नाराज हो गए और उन्होंने मैदान पर गांगुली के साथ तीखी बहस की. हालांकि गांगुली इस विवादित पल के बाद ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और अगले ही ओवर में आउट हो गए, लेकिन तब तक यह घटना मुकाबले की सबसे चर्चित घटना बन चुकी थी.
महान की कैटेगरी में आते हैं दोनों क्रिकेटर्स
यह टकराव आईपीएल इतिहास की पहली बड़ी ऑन-फील्ड भिड़ंतों में से एक माना जाता है और आज भी टूर्नामेंट के शुरुआती दौर के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है. गांगुली और वॉर्न दोनों अपनी आक्रामक कप्तानी और जीत की भूख के लिए जाने जाते थे, और इस घटना में उनका वही जज्बा साफ नजर आया. दोनों ही आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और ोनों ही महान कैटेगरी में गिने जाते हैं.