जयपुर. रविवार को राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के मैच में राजस्थान को ऐसी जीत मिली जिसकी उम्मीद उन्होंने खुद ने छोड़ दी थी, मैच के बाद खुद कप्तान रहाणे ने बोल दिया था कि उन्हें अब तक विश्वास नहीं हो रहा है कि हमारी टीम जीत गई, वैसे तो जीत की नायक आर्चर थे लेकिन असली हीरो रहे कृष्णप्पा गौथम थे. कृष्णप्पा गौथम ने बीती रात मैच की आखिरी 17 गेंदों में पूरा पासा पलट कर रख दिया. उन्होंने 11 गेंदों पर 33 रनों की पारी खेल अपनी टीम को जबरदस्त जीत दिला दी. उन्होंने दुनिया के नंबर वन टी20 गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की ऐसी धुनाई की जिसे वह सालो तक नहीं  भुल पाएंगे. गौतम ने बुमराह के ओवर में 18 रन बटोर लिए.

 मैच के अंतिम ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 10 रनों की दरकार थी. रोहित शर्मा ने ओवर हार्दिक पांड्या को सौंपा. पांड्या ने अंतिम ओवर की पहली गेंद जोफ्र आर्चर को आउट कर राजस्थान को एक बार फिर से मुश्किल में फंसा दिया. लेकिन इसकी अगली ही गेंद पर गौथम ने चौका लगाकर लक्ष्य की दूरी कम कर दी. अब राजस्थान को चार गेंदों में 6 रनों की दरकार थी. पांड्या ने ओवर की तीसरी गेंद डॉट फेंककर मुंबई की उम्मीदें जगाई. लेकिन अगली ही गेंद पर गौथम ने लेग साइड पर पुल शॉट खेलकर छक्का लगा दिया और टीम को जीत दिला दी. उन्होंने छक्के के साथ टीम को बिल्कुल धोनी स्टाइल में जीत दिला दी.

दरअसल 2017 में दिलीप ट्रॉफी के लिए गौतम का चयन हुआ था, लेकिन उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए दिलीप ट्रॉफी से छुट्टी ले ली थी. दरअसल उन्होंने कर्नाटक लीग को तरजीह देते हुए दलीप ट्रॉफी में खेलने से मना कर दिया, उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें टाइफाइड है लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही लीग में खेलते दिखाई दिए, जिसके बाद बीसीसीआई उनसे नाराज हो गई,  बीसीसीआइ ने गौतम पर एक्शन लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था और उनका नाम न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलने वाली भारतीय ए टीम से भी हटा दिया था. इस के थोड़े दिन बाद कृष्णप्पा गौतम ने बीसीसीआइ से बिना किसी शर्त के माफी मांग ली थी. 

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