भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर खेला जाएगा. चार मैचों की इस सीरीज में अब तक तीन मुकाबले हो चुके हैं. डरहम में खेला गया पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि मैनचेस्टर में हुए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने जैकब बेथेल की नाबाद 76 रनों की पारी के दम पर भारत को 4 विकेट से पटखनी दी थी.
इसके बाद नॉटिंघम में खेले गए तीसरे मैच में भी मेजबान टीम का ही दबदबा रहा. इंग्लैंड ने वह मुकाबला 125 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया. इस लगातार दूसरी जीत के साथ ही हैरी ब्रुक की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. अब भारत के पास सीरीज बराबर करने का मौका तो नहीं है, लेकिन साख बचाने के लिए उसे हर हाल में बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे.
ब्रिस्टल में मौसम का मिजाज
क्रिकेट फैंस के लिए राहत की बात यह है कि चौथे टी20 के दौरान ब्रिस्टल में मौसम बिल्कुल साफ रहने वाला है. मैच के दौरान दर्शकों को शानदार खेल देखने को मिलेगा. टॉस के समय यहाँ का तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जो मैच खत्म होने तक गिरकर 24 डिग्री तक आ जाएगा. दिनभर अच्छी धूप खिली रहेगी और साथ में चलने वाली ठंडी हवाएं मौसम को खुशनुमा बनाए रखेंगी.
सबसे अच्छी बात यह है कि ब्रिस्टल में अगले एक हफ्ते तक बारिश की कोई आशंका नहीं है. यानी फैंस को बिना किसी रुकावट के पूरे 40 ओवर का रोमांच देखने को मिलेगा. जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, मौसम में थोड़ी ठंडक आएगी और हवा के रुख की वजह से तेज गेंदबाजों को अच्छी स्विंग मिलने की उम्मीद है.
ब्रिस्टल पिच रिपोर्ट (Bristol Pitch Report)
काउंटी ग्राउंड के इतिहास को देखें तो यहाँ लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को फायदा मिलता रहा है. ऐसे में जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगा. इस पिच पर तेज गेंदबाजों को अच्छी गति और उछाल मिलती है. नई गेंद से जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और भारत के हर्षित राणा जैसे गेंदबाज अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को खासा परेशान कर सकते हैं.
पिच का गणित: ब्रिस्टल के इस मैदान पर स्क्वेयर बाउंड्री (लेग और ऑफ साइड) काफी छोटी हैं. इसका सीधा मतलब है कि तेज गेंदबाजों को शॉर्ट गेंदें फेंकने से बचना होगा और फुल लेंथ पर ही फोकस करना पड़ेगा. यहाँ की आउटफील्ड बेहद तेज है, इसलिए अगर गेंद एक बार 30 गज के घेरे (इंसाइड सर्कल) को पार कर गई, तो उसे बाउंड्री तक जाने से रोकना मुश्किल होगा.
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा और तेज धूप की वजह से पिच सूखेगी, वैसे-वैसे खेल में स्पिनर्स की भूमिका अहम हो जाएग. पुरानी गेंद से स्पिनर्स पिच का फायदा उठाकर बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं.