ICC Women’s Champions Trophy 2027: आईसीसी विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी का पहला आयोजन अब श्रीलंका में नहीं होगा. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी वापस लेने का फैसला किया है. फरवरी 2027 में होने वाली छह टीमों की इस टूर्नामेंट के लिए भारत को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी जल्द ही नए मेजबान देश के नाम पर अंतिम फैसला कर सकता है. यह फैसला उसकी आगामी बोर्ड बैठक में लिया जा सकता है.
भारत फिलहाल मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है. श्रीलंका क्रिकेट की ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सचिव प्रकाश शाफ्टर ने भी पुष्टि की है कि टूर्नामेंट अब श्रीलंका में नहीं होगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी नए आयोजन देश को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. आईसीसी और श्रीलंका क्रिकेट के बीच प्रशासन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है.
सरकार के दखल से बढ़ा विवाद
श्रीलंका क्रिकेट इस समय सरकार की ओर से नियुक्त ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी की निगरानी में है. यह कमेटी बोर्ड के संविधान और प्रशासन में सुधार के लिए काम कर रही है. हालांकि, आईसीसी राजनीतिक रूप से नियुक्त अंतरिम प्रशासन को मान्यता नहीं देता. इसी वजह से श्रीलंका क्रिकेट के प्रतिनिधियों को आईसीसी बोर्ड की बैठकों में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दी गई है. आईसीसी ने श्रीलंका में जल्द से जल्द चुनाव कराने की जरूरत पर भी जोर दिया है.
श्रीलंका की टीम पर भी संकट
मेजबानी छिनने का असर श्रीलंका महिला टीम पर भी पड़ सकता है. टूर्नामेंट में मेजबान टीम के अलावा रैंकिंग में शीर्ष पांच टीमों को जगह मिलनी है. श्रीलंका इस समय छठे स्थान पर है. ऐसे में अगर भारत को मेजबानी मिलती है, तो श्रीलंका को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ सकता है. ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी ने नया संविधान तैयार कर खेल मंत्री को सौंप दिया है, लेकिन इसे संसद तक पहुंचने से पहले जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसलिए श्रीलंका क्रिकेट में निर्वाचित प्रशासन की वापसी में अभी समय लग सकता है.