टैम्परेः फिनलैंड के टैम्परे में चल रही जूनियर अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर की दौड़ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर भारत की हिमा दास ने इतिहास रच दिया है. वह जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर की विश्व स्पर्धा में ट्रैक इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं. हिमा ने 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता. हिमा पूर्वोत्तर राज्य असम के एक छोटे से जिले नागांव के छोटे से गांव ढिंग की रहने वाली हैं. 

उनके पिता एक छोटे से किसान हैं और गांव में ही धान की खेती करते हैं. शुरूआत में हिमा इन्हीं धान के कीचड़ से भरे खेतों में लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थी. वह एक स्ट्राइकर थी. लेकिन एक स्थानीय कोच की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने हिमा को एथलेटिक्स में आने की सलाह दी. बाद में एक जिलास्तरीय प्रतियोगिता में हिमा के वर्तमान कोच और तत्कालीन स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर के डायरेक्टर निपोन की नजरें हिमा पर पड़ी और उन्होंने हिमा को गुवाहाटी आने की सलाह दी.

इंडियन एक्सप्रेस से एक बातचीत में निपोन ने कहा कि हिमा ने उन्हें प्रभावित किया क्योंकि कमजोर स्पाइक्स के बावजूद उन्होंने 100 और 200 मीटर का गोल्ड मेडल जीता. लेकिन इसके बाद निपोन के लिए हिमा के पिता को मनाना एक टेढ़ी खीर थी क्योंकि वह हिमा को घर से 140 किलोमीटर दूर गुवाहाटी भेजने को तैयार नहीं थे. लेकिन निपोन ने उन्हें किसी तरह मनाया और हिमा को गुवाहाटी लाए. इसके बाद निपॉन ने हिमा को कड़ी ट्रेनिंग दी और उन्हें विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के लायक बनाया. उसके बाद जो हुआ वह इतिहास है.

VIDEO: IAAF वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिमा दास ने रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतने वालीं पहली भारतीय महिला