नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में मेडल जीताकर देश की बेटी संजीता चानू और मीराबाई चानू ने भारत का मान बढ़ाया. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और संजीता चानू को 15-15 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया. बीरेन ने कहा कि मणिपुर की दोनों लड़कियों पर भारत और मणिपुर के लोगों को गर्व है. मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता. कॉमनवेल्थ गेम के दूसरे दिन भारतीय वेटलिफ्टर संजीता चानू ने महिलाओं के 53 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता. संजीता ने कुल 192 किलो भार उठा कर यह उपलब्धि हासिल की. यह संजीता का लगातार दूसरे राष्टमंडल खेलों में दूसरा पदक है. पिछली बार ग्लासगो में उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था. संजीता मणिपुर की हैं. सबसे दिलचस्प बात ये है कि मीराबाई की तरह संजीता की भी आदर्श कुंजारानी देवी ही हैं.

भारतीय रेलवे की कर्मचारी 24 वर्षीय संजीता चानू स्वभाव से शर्मीली बताई जाती हैं, लेकिन जब वो मैदान पर उतरती हैं तो उनका दूसरा ही रूप नजर आता है. 20 साल की उम्र में संजीता ने 48 किग्रा वर्ग में 173 किग्रा वजन उठाकर ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. संजीता ने जब ग्लास्गो में गोल्ड मेडल जीता था, तब मीराबाई चानू को सिल्वर से संतोष करना पड़ा था. सोशल मीडिया पर संजीता चानू और मीराबाई चानू को लेकर बधाइयों का तांता लग गया है. ट्विटर पर सभी लोग संजीता और मीराबाई चानू को देश का का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दे रहे हैं.

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