दिल्लीः ऑस्ट्रेलिया के खूबसूरत शहर गोल्डकोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स चल रहे हैं. दुनिया भर के हजारों एथलीट पोडियम पर चढ़ने और मेडल जीतने के लिए जान लगाए हुए हैं. इन खेलों में आकर उनका एक ही सपना है कि वे पदक जीतें और उनके देश का झण्डा लहराए. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जब खिलाड़ियों ने इन खेलों में जान-बूझकर खराब खेला.

बात 1998 की है. तत्कालीन भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के प्रयासों से क्रिकेट पहली बार इन खेलों में शामिल हुआ था. लेकिन इस देश में धर्म की तरह माने जाने वाले इस खेल के खिलाड़ी इसमें खेलने को इच्छुक नहीं थे. दरअसल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर के अनुसार भारत को उसी समय कनाडा का दौरा करना था, जहां टोरंटो में भारतीय टीम का मुकाबला पाकिस्तानी टीम से होना था. दोनों देशों के बीच तब शारजहां और टोरंटो जैसे तटस्थ मैदानों पर मैच होते थे. इस देश में भगवान की तरह पूजे जाने वाले इन क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज को कॉमनवेल्थ खेलों पर तरजीह दिया. हालांकि बीसीसीआई ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए दो टीमों का चयन करने का फैसला किया. बीसीसीआई ने एक टीम को कॉमनवेल्थ खेलों और दूसरे टीम को ऑस्ट्रेलिया भेजने का फैसला किया.

ऑस्ट्रेलिया जाने वाले टीम के कप्तान अजहरुद्दीन जबकि मलेशिया के कुआलालमपुर जाने वाली कॉमनवेल्थ टीम का कप्तान अजय जाडेजा को बनाया गया. इस टीम में क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी शामिल थे. कहा जाता है भारतीय टीम ने कॉमनवेल्थ में जान बूझकर खराब क्रिकेट खेला, ताकि उनकी टीम प्रतियोगिता से जल्द बाहर हो जाए और उन्हें कनाडा जाने का मौका मिल जाए. इन खेलों में भारत ने 3 मैच खेलें जिसमें से वह सिर्फ एक मैच ही जीत पाएं. एंटीगा एंड बरबुडा से पहला मैच पूरा न होने के कारण ड्रॉ रहा, जबकि दूसरे मैच में भारत ने कनाडा के खिलाफ जीत हासिल की. हालांकि भारत तीसरा मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 146 रन के बड़े अंतर से हार गया और प्रतियोगिता से बाहर हो गया. सचिन तेंदुलकर ने तीन मैचों में सिर्फ 28 रन बनाए. एक बल्लेबाज को छोड़कर किसी का भी औसत 20 से ऊपर नहीं था. इस मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने कनाडा जाकर एक मैच खेला और 77 रन बनाए.

कहा जाता है कि भारतीय टीम ने हार के 5 घंटों के अंदर ही भारत वापसी की और फिर कनाडा के लिए निकल गए. उस समय भारतीय दल के साथ गए एक असिस्टेंट शेफ एसएम बाली ने दावा किया था कि भारतीय खिलाड़ियों के पास पहले से ही भारत वापसी की टिकट थी. बाली ने ये टिकट मीडिया के सामने भी सार्वजनिक किया था. बाली ने तब यह भी आरोप लगाया था कि क्रिकेटर सिर्फ पैसों के लिए खेलते हैं. हालांकि इन दावों की कभी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो चुकी लेकिन यह भी सच है कि कॉमनवेल्थ खेलों का अंतिम मैच खत्म होने के तुरंत बाद कप्तान अजय जाडेजा और सीनियर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर दिल्ली आए थे और तुरंत ही टोरंटो के लिए रवाना हो गए. वहां अजय जाडेजा ने दो और सचिन तेंदुलकर ने एक मैच खेला था.

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