नई दिल्ली: दो साल पहले हैम्बर्ग में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय गौरव बिधूड़ी इस बात से काफी खुश हैं कि उनके 57 किलो वर्ग के ज्यादातर दिग्गज मुक्केबाज इस बार बिग बाउट लीग में दिखाई देंगे. उन्हें इन सबसे मुकाबला करने का वह अनुभव मिलेगा जो राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में नहीं मिल पाता.

खास बातचीत में बॉक्सर गौरव बिधूड़ी ने कहा कि वर्ल्ड सीरीज बॉक्सिंग में वह इटैलियन थंडर्स और एक अन्य मौके पर यूएसए नॉकआउट से खेल चुके हैं. इटली की टीम से उन्होंने कजाकिस्तान के एक वर्ल्ड रैंकिंग खिलाड़ी को हराकर उलटफेर किया था. लीग में अपनी टीम की जीत के क्या मायने होते हैं, वह भली भांति जानते हैं. साथ ही अपनी इसी लय को वह बिग बाउट लीग में बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेंगे.

उनका कहना है कि बैंगलुरु ब्रावलर्स को चैम्पियन बनाना इस लीग में उनका सबसे बड़ा उद्देश्य रहेगा और उन्हें यकीन है कि लीग का अनुभव उनके लिए ओलम्पिक क्वॉलिफाइंग मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आधार तैयार करेगा.

गौरव बिधूड़ी को बिग बाउट लीग में बैंगलुरु ब्रावलर्स ने अपनी टीम में शामिल किया है. इस लीग में उन्हें गुजरात अडानी के मोहम्मद हसामुद्दीन, ओडिसा वारियर्स के सचिन सीवाच, बॉम्बे बुलेट्स के कविंदर सिंह बिष्ट और नॉर्थ ईस्ट रहिनोस के मोहम्मद ईताश खान से मुकाबला करना है.

जबकि पंजाब रॉयल्स की ओर से उज्बेकिस्तान के अबु मलिक खालाकोव के रूप में उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज से चुनौती मिलेगी. अबु मलिक पिछले साल के यूथ वर्ल्ड और यूथ एशियन चैम्पयनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट हैं. गौरव का कहना है कि अबु मलिक से खेलने का अनुभव भविष्य की प्रतियोगिताओं में उनके काम आएगा.

गौरव को बॉक्सिंग में लाने का श्रेय उनके पिता धर्मेंद्र बिधूड़ी को जाता है जो यूनिवर्सिटी स्तर के पदक विजेता बॉक्सर रहे है. वह दिल्ली के मदनपुर खादर में बिधूड़ी बॉक्सिंग क्लब चलाते हैं. उनकी देखादेखी गौरव भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर बन गये. दस साल की उम्र में एक नुमाइशी मुकाबले ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

दो साल बाद दिल्ली राज्य सबजूनियर चैम्पियनशिप से उनका सफर शुरु हुआ और 2017 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पदक जीतकर ही उन्होंने चैन लिया. हालांकि अभी इनका लक्ष्य ओलम्पिक पदक जीतना है.

गौरव बिधूड़ी का कहना है कि फरवरी में होने वाली एशियाई चैम्पियनशिप के लिए बिग बाउट लीग से उन्हें अच्छी तैयारी मिल जाएगी. इस तरह के आयोजन खासकर मुक्केबाजों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं. इसके अलावा गौरव प्रेसिडेंट कप दोहा में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं और रूस में आयोजित आमंत्रण टूर्नामेंट में उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ.

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