Tokyo Paralympics 2020 : टोक्यो पैरालिम्पिक में भविनाबेन पटेल ने इतिहास रच दिया है. आज उनपर हर भारतवासी को गर्व है. भविनाबेन ने टेबल टेनिस के क्लास-4 के फाइनल में जगह बना ली है, उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की मियाओ झांग को 3-2 (7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8) से हराकर इतिहास रचा है.

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भावनाबेन पटेल के शानदार प्रदर्शन से आज पूरे देश को उन पर गर्व है. एक परच्युन की दूकान चलाने वाले की बेटी आज पूरे देश का गौरव बन गई है. अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए भविनाबेन बताती हैं कि ‘जब मैं यहां आई थी, तो मैंने केवल 100 प्रतिशत देने के बारे में सोचा था, अगर आप ऐसा कर पाते हैं तो आपको मेडल अपने आप मिल जाएगा. बिल्कुल यही मैने सोचा और अपने हौसले के बल पर आज पैरालिम्पिक्स तक पहुंची.’ बता दें कि सेमीफाइनल में भविनाबेन का मुकाबला चीन की मियाओ झांग से था, शुरूआती दो राउंड में तो भविनाबेन का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं था लेकिन अगले ही राउंड में उन्होंने काबिल-ए-तारीफ प्रदर्शन के साथ वापसी कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया. उन्होंने मियाओ झांग को 3-2 (7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8) से हराया.

भविना अब बस गोल्ड मेडल जीतने से एक मात्र एक जीत दूर हैं. फाइनल में अब भविना का सामना वर्ल्ड की नंबर -1 खिलाड़ी झोउ यिंग से होगा. फाइनल 29 अगस्त को सुबह 7:15 बजे से होगा, भविना इससे पहले, झांग के खिलाफ 11 मुकाबलों में भिड़ी थी, लेकिन वह अभी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी. हालांकि आज उन्होंने पिछली सभी हार का बदला ले लिया. भविना ने सेमीफाइनल में पहुंच कर इतिहास रच दिया है. उनसे पहले कोई भी भारतीय पैरा टोक्यो पैरालंपिक्स के टेबल टेनिस के क्वार्टर फाइनल तक भी नहीं पहुंचा था. भाविना ने सेमीफाइनल में पहुंचकर ये रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. क्वार्टर फाइनल से पहले भाविना ने ग्रेट ब्रिटेन की मेगान शैकलेटॉन को 3-1 से हराया था.