जकार्ताः जकार्ता-पालेमबांग एशियन खेलों में टेबल टेनिस में भारत को दो ऐतिहासिक पदक दिलाने वाले अचंत शरत कमल ने कहा है कि भारत अब ओलंपिक मेडल से अधिक दूर नहीं है. ्भारत के सबसे अनुभवी और शीर्ष रैंकिंग वाले इस खिलाड़ी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारतीय टेबल टेनिस में बहुत सुधार हुआ है. अब हमें सरकार और टेबल टेनिस एसोसिएशन द्वारा वे सब सुविधाएं मिलती है जो कि एक विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बहुत जरूरी है.

स्क्रॉल को दिए गए एक इंटरव्यू में अचंत शरत कमल ने कहा कि भारतीय टेबल टेनिस में यह बदलाव 2008 में ही दिखने लगा था. 2010 में भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स होने थे और इसलिए हर खेलों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई थी. एसोसिएशन को सरकार द्वारा फंड मिल रहा था. इसका फायदा भी 2010 के कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में देखने को मिला. अचंत ने कहा कि इसके बाद कॉमनवेल्थ घोटाला सामने आ गया और खेलों को मिलने वाले फंड फिर से बंद हो गए. इसके कारण हमारा खेल भी प्रभावित हुआ.

अचंत ने कहा कि 2016 से फिर से इसमें सुधार आया है. सरकार ने फंड बढ़ाया और एसोसिएशन फिर से खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं, ट्रेनिंग और कोच देने लगे. इसका फायदा हमें अब दिखाई देने लगा है. अचंत ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब हमारे पास टेबल टेनिस में भी ओलंपिक मेडल होगा. हालांकि उन्होंने कहा कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में ही मेडल की उम्मीद करना थोड़ी सी जल्दबाजी होगी. आपको बता दें कि अचंत शरथ ने इस बार एशियाई खेलों में दो मेडल जीते हैं, जो कि भारतीय टेबल टेनिस के इतिहास में एशियाई खेलों के पहले दो मेडल हैं.

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