जकार्ताः भारत की मनु भाकर सिर्फ 16 साल की हैं और इण्टरमीडिएट में पढ़ती हैं. खेलों के साथ-साथ पढ़ाई भी चलती रहे इसलिए उनके बैग में उनके शूटिंग इंस्ट्रूमेंट्स के अलावा उनकी किताबें भी रहती हैं. अभ्यास और मैचों से जब भी उन्हें समय मिलता है वह किताबें खोलकर बैठ जाती हैं और पढ़ाई करती हैं. वह रेगुलर क्लास नहीं ले पाती हैं इसलिए कोर्स को पूरा करने के लिए इवनिंग क्लासेज का सहारा लेती हैं. हरियाणा की झज्जर की रहने वाली मनु अपने स्कूल में बने शूटिंग रेंज में ही अभ्यास करती हैं.

एक तरह से शूटिंग और पढ़ाई यही दोनों उनके जिंदगी का प्रमुख हिस्सा है और दोनों के बीच वह समन्वय बनाए रखती हैं. मनु भाकर पहली बार सुर्खियों में तब आई थी जब मार्च में उन्होंने मैक्सिको में हुई आईएसएसएफ विश्व कप में केवल 16 साल की उम्र में गोल्ड मेडल जीता था. उन्होंने 16 साल की उम्र में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था और वह ऐसा करने वाली सबसे युवा भारतीय बनी थी. उन्होंने ना सिर्फ 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता बल्कि टीम स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल जीता था.

इसके बाद उन्होंने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में भी 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता. हालांकि वह एशियाई खेलों में अपने इस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी और 25 मीटर पिस्टल के टीम और इंडिविडुअल इवेंट में कोई भी पदक नहीं जीत सकीं. हालांकि 25 मीटर इंडिविडुअल इवेंट के क्वालीफाइंग राउंड में उन्होंने 593 अंकों के गेम्स रिकॉर्ड के साथ फाइनल्स के लिए क्वालिफाई किया था. आपको बता दें कि भाकर का प्रिय खेल निशानेबाजी नहीं बल्कि मणिपुरी मार्शल आर्ट्स, बॉक्सिंग और कराटे हैं.

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