नई दिल्ली. इंडोनेशिया में खेले जा रहे 18वें एशियाई खेलों में जब भारतीय महिला हॉकी टीम शुक्रवार को फाइनल में जापान के खिलाफ भिड़ेगी तो 36 साल बाद गोल्ड मेडल जीतने के लक्ष्य से साथ उतरेगी. अगर भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में जापान को हरा दिया तो वह सिर्फ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक ही नहीं जीतेगी बल्कि टीम को दो बार ओलंपिक में खेलने का अवसर भी मिलेगा. भारत की महिला हॉकी टीम ने साल 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था.

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 18वें एशियाई खेलों में अब तक बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया है. बुधवार को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में महिला टीम ने चीन को सेमीफाइनल में 1-0 शून्य से मात देकर फाइनल में जगह बनाई. डिफेंडर गुरजीत कौर ने 52वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर कॉर्नर के जरिए विजयी गोल दागा. भारतीय महिला हॉकी टीम इससे पहले साल 1998 में बैंकॉक में आयोजित एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंची थी. भारत की महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अब तक 1 स्वर्ण, 1 रजत और तीन कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं.

भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने ग्रुप के सभी मैच जीतकर टॉप पर है. भारत ने अपने पहले मैच में मेजबान इंडोनेशिया 8-0 से कजाकिस्तान को 21-0 से दक्षिण कोरिया को 4-1 से थाईलैंड के 5-0 से करारी मात दी. सभी ग्रुप मैचों में जीत के चलते इस समय महिला टीम के हौंसले सांतवें आसमान पर हैं. भारतीय महिला टीम ने जिस तरह से अभी तक ताबड़तोड़ हॉकी खेली है उससे लगता भारत जापान के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगा. वहीं भारतीय महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं. रानी ने कहा, जापान के खिलाफ फाइनल मुकाबला रोमांचक होगा, हम मैच जीतने के लिए अपना सौ प्रतिशत देंगे.

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