जकार्ताः भारत ने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हराकर एशियन गेम्स पुरूष हॉकी का कांस्य पदक जीत लिया है. भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराया. भारत के लिए एकमात्र गोल आकाशदीप ने किया, जिन्होंने ललित कुमार के पास पर शानदार फील्ड गोल किया. इसके बाद दोनों टीमों ने गोल करने के काफी मौके बनाए लेकिन कोई भी टीम तीन क्वॉर्टर तक गोल नहीं कर सका. अंतिम क्वॉर्टर में भारत और पाकिस्तान दोनों ने लगातार अंतराल में एक-एक गोल किए. लेकिन इसके बाद कोई भी गोल नहीं हो सका. इस तरह भारत ने कांस्य पदक जीतकर सेमीफाइनल में मिली निराशा को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया. गौरतलब है कि भारत को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार माना जा रहा था.

भारतीय टीम टूर्नामेंट में भाग ले रही सबसे अच्छी रैकिंग की टीम थी और उनका हालिया फॉर्म भी काफी शानदार था. इस टूर्नामेंट में उन्होंने इस वर्चस्व को भी दिखाया और सबसे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया. लेकिन भारतीय टीम सेमीफाइनल मैच के दबाव से पार नहीं पा सकी और मलेशिया जैसी कम रैंकिंग टीम से शूटआउट में हार गई. इसी के साथ भारत का गोल्ड मेडल जीतने का सपना भी टूट गया. जबकि 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए भी भारतीय टीम डायरेक्ट क्वॉलीफाई नहीं कर सकी. अब उसे 2020 ओलंपिक के लिए क्वॉलीफायर टूर्नामेंट खेलना होगा.

आपको बता दें कि यह भारत का इस एशियाई खेलों में 69वां और अंंतिम पदक है. भारत ने इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड 69 पदक जीता है, जिसें 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 69 ब्रॉन्ज मेडल शामिल है. यह भारत का एशियन गेम्स के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इससे पहले भारत ने 1951 के एशियन गेम्स में 15 गोल्ड मेडल जीते थे. लेकिन तब भारत के पास 16 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज सहित कुल 51 पदक थे. जबकि 2010 के ग्वांगझाऊ एशियन खेलों में भारत ने 14 गोल्ड, 17 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज सहित 65 पदक जीते थे. 

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