दिल्ली. इंडोनेशिया में चंद दिनों बाद एशियाई खेलों का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है. भारत को 18वें एशियाई खेलों में बैडमिंटन में पदक की काफी उम्मीदें हैं. दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत से इस बार भारत को स्वर्ण पदक की उम्मीद है. 18वें एशियाई खेलों का आयोजन इंडोनेशिया हो रहा है. 18 अगस्त से 2 सितंबर तक ये खेल इंडोनेशिया के शहर जकार्ता और पालेमबांग में खेले जाएंगे.

श्रीकांत किदांबी का बैडमिंटन सफर बेहद सफल रहा है। 2013 में थाईलैंड ओपन जीतने के बाद उन्हें पहचान मिली. 2014 में चाइना ओपेन जीतकर श्रीकांत को काफी शोहरत मिली. 2015 में वह स्विस ओपन के विजेता बने। इसी साल उन्होंने इंडियन ओपन का भी खिताब जीता. 2016 में वह सैयद मोदी इंटरनेशनल प्रतियोगिता जीतने में सफल रहे. साल 2017 में श्रीकांत ने इंडोनेशिया ओपेन, ऑस्ट्रेलिया ओपन, डेनमार्क ओपन सहित फ्रेंच ओपन जीतकर सनसनी मचा दी.

2014 एशियाई खेलों में श्रीकांत किदांबी कुछ खास नहीं कर पाए और उन्हें ग्रुप स्टेज के मैचों से बाहर होना पड़ा था। इस बार वह पदक जीत कर अपनी पुरानी यादें भुलाना चाहेंगे. एक शटलर के तौर पर उनका सफर काफी अच्छा रहा है. उन्होंने 290 सिंग्लस मुकाबले खेले है जिनमें 196 जीते और 94 मैंचों में हार मिली है. श्रीकांत किदांबी का मिक्स डबल्स में भी प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा है. उन्होंने 8 मिक्स डबल्स मैच खेले जिनमें 5 जीते और 3 मैच हारे हैं.

श्रीकांत किदांबी का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में 7 फरवरी 1993 को हुआ था. श्रीकांत के बड़े भाई के नंदगोपाल भी बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं. साल 2018 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया.

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