नई दिल्लीः  कॉमनवेल्थ खेलों की निराशा से उबर कर भारतीय स्कवैश टीम अधिक से अधिक पदक जकार्ता पालेमबांग एशियन खेलों में जीतना चाहेगी. कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों खासकर जोशना चिनप्पा, दीपिका पल्लीकल और सौरव घोषाल ने निराश किया था. उनसे सिंगल्स और टीम स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद थी लेकिन दो पदकों के अलावा वे कुछ खास नहीं कर सके थे. दीपिका पल्लीकल और सौरव घोषाल ने मिक्स्ड स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. वहीं जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल ने भी सिल्वर मेडल जीता था. लेकिन भारतीय टीम को एक भी गोल्ड मेडल कॉमनवेल्थ खेलों में नहीं मिला था.

भारत ने इंच्योन एशियाई खेलों में 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता था. तब भारतीय पुरूष टीम ने शीर्ष टीम मलेशिया को हराकर गोल्ड मे़डल जीता था. वहीं महिला टीम को फाइनल में मलेशिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. वहीं पुरूषों के सिंगल्स मुकाबले में सौरव घोषाल ने सिल्वर और महिला सिंगल्स में दीपिका पल्लीकल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इस बार भारतीय टीम इस प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी. 

जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल की जो़ड़ी से इस बार भारत को गोल्ड मेडल की उम्मीद होगी. वहीं चिनप्पा या पल्लीकल को भारतीय टीम से इंडिविडुअल स्पर्धा में भी गोल्ड की उम्मीद होगी. इसी तरह पुरूष टीम में भी सौरव घोषाल, हरिंदर पाल संधू और महेश मंगोनकर से भी इंडिविडुअल और टीम स्पर्धाओं में उम्मीदें होंगी. पुरूष स्क्वैश टीम में इसके अलावा रमित टंडन को भी शामिल किया गया है जो कि हाल के समय में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं. वहीं महिला टीम में सुनन्या कुरूविला और तान्वी खन्ना जैसी युवाओं को भी शामिल किया गया है.

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