नई दिल्ली. 18वें एशियाई खेलों के 14वें दिन भारत के मुक्केबाज अमित पंघाल ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. 49 किलो भार वर्ग में अमित का मुकाबला रियो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके उजबेकिस्तान के हसनबॉय दुश्मातोव के साथ था. 22 साल के मुक्केबाज अमित पंघाल ने अपने प्रतिद्वंदी का जमकर सामना किया.

बेहद संघर्ष वाले इस मुकाबले में अमित ने उज्बेक मुक्केबाज पर लगातार हमले किए. 2016 रियो ओलंपिक चैंपियन हसनबॉय दुश्मातोव अमित के मुक्के बर्दाश्त नहीं कर पाए. अमित ने शुरू से ही आक्रामक रुख अख्तियार किया. भारतीय मुक्केबाज का आक्रमण इतना तेज था कि उन्होंने अपने विरोधी को रिंग में ही गिरा दिया. इसके बाद उज्बेक मुक्केबाज को संभलने का मौका नहीं मिला.

18वें एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले अमित पंघाल का जन्म 16 अक्टूबर 1995 को हरियाणा के रोहतक जिले के मायना में हुआ. अमित के पिता विजेंदर सिंह पेशे से किसान हैं जबकि उनके बड़े भाई भारतीय सेना में कार्यरत हैं. मार्च 2018 में अमित ने भी भारतीय सेना ज्वाइन कर ली. अमित पंघाल ने सबसे पहले साल 2017 में नेशनल चैंपियनशिप में पहली बार शिरकत की और उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. साल 2017 में ही ताशकंद में आयोजित एम्योचोर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लाइट फ्लाईवेट कैटेगरी में अमित ने कांस्य पदक जीता.

अमित की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुका उन्होंन इसी साल यानी 2017 में ही एआईबीए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया. फरवरी 2018 में अमित ने सोफिया में गोल्ड मेडल जीता. वहीं गोल्ड कोस्ट में आयोजित 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में लाइवेट कैटेगरी में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता.

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