नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट की निगरानी में आज कबड्डी में बड़ा ही रोचक मुकाबला इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच उन महिला और पुरुष खिलाड़ियों के बीच खेला जाएगा जो एशियन गेम्स के दौरान कबड्डी टीम का हिस्सा रहे और जिन खिलाड़ियों का कबड्डी टीम में चयन नहीं हुआ था. दरअसल एशियन गेम्स के दौरान भारतीय कबड्डी टीम के चयन में घूस लेने के आरोप लगाए गए थे. भारत के खेल इतिहास में ये पहला मौका होगा जब कोई मैच अदालत की निगरानी में खेला जाएगा.

एशियन गेम्स 2018 में भारतीय टीम कबड्डी टीम के इंडोनेशिया रवाना होने पहले पूर्व कबड्डी खिलाड़ी महिलापाल सिंह ने टीम चयन पर सवालिया निशान उठाए थे. महिपाल सिंह ने एमेच्योर कबड्डी महासंघ पर घूस लेकर खिलाड़ियों के चयन के चयन करने का आरोप लगाया था. मुख्‍य न्‍यायधीश न्‍यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्‍यासमूर्ति वीके राव ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दो अगस्‍त को आदेश दिया था कि 15 सितंबर को दोनों वर्गों में मुकाबला कराया जाएगा.

ये मैच एशियन गेम्स 2018 में भाग लेने गई भारतीय महिला और कबड्डी टीम के लिए प्रतिष्ठा की बात होगी. अगर एशियन गेम्स में पदक विजेता दोनों टीमें उन खिलाड़ियों से मैच हार जाती हैं जिनका टीम में चयन नहीं हुआ था तो उनके लिए शर्मनाक होगा. गौरतलब है एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने हमेशा गोल्ड मेडल जीता है लेकिन एशियन गेम्स 2018 में पुरष टीम को कांस्य पदक और महिला टीम को सिल्वर पदक से संतोष करना पड़ा था. भारत की दोनों महिला/पुरुष टीमों को ईरान ने हराया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App