नई दिल्ली. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने संन्यास पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि वो अब नहीं बल्कि 2007 में ही संन्यास लेने वाले थे लेकिन उन्हें सचिन तेंदुलकर ने ऐसा करने से रोक दिया था.

सहवाग का कहना है कि वो क्रिकट के शीर्ष पर रहते हुए संन्यास लेना चाहते थे. बता दें कि सहवाग को साल 2007 में भी टीम से बाहर किया गया था.

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उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी चाहता है कि वो उस समय संन्यास ले जब वह क्रिकेट में शीर्ष पर हो. सहवाग ने कहा कि मैं भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए संन्यास लेता तो मुझे भी अच्छी  विदाई मिल सकती थी, लेकिन भाग्य ने मेरे लिए कुछ और ही लिखा था.

सहवाग ने टीम से बाहर किए जाने के लिए चयनकर्ताओं को भी जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने मुझे पर्याप्त मौके नहीं दिए और कुछ विफलताओं के बाद ही टीम से बाहर कर दिया.

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