दुनिया का हर खिलाड़ी चाहता है कि उसका इंटरनेशनल करियर शानदार तरीके से खत्म हो. कुछ खिलाड़ियों को आखिरी मैच में सम्मान और विदाई मिलती है, लेकिन कई बड़े क्रिकेटरों का सफर अचानक खत्म हो जाता है. भारतीय क्रिकेट इतिहास में भी ऐसे कई दिग्गज खिलाड़ी रहे, जिन्हें खराब फॉर्म या सेलेक्टर्स की नजरअंदाजी के कारण बाहर होने के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह नहीं मिली. आज भी फैंस मानते हैं कि इन खिलाड़ियों को एक तरीके से बेइज्जत करके टीम से निकाला गया.
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम वीरेंद्र सहवाग का आता है. भारत के सबसे विस्फोटक टेस्ट सलामी बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सहवाग को 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद उन्हें कभी भारतीय टीम में वापसी का मौका नहीं मिला.
गौतम गंभीर को लेना पड़ा संन्यास
2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप फाइनल के हीरो गौतम गंभीर भी खराब फॉर्म के कारण 2012-13 में टीम से बाहर हो गए. बाद में उन्हें सीमित अवसर मिले, लेकिन वह फिर अपनी जगह पक्की नहीं कर सके और आखिर में उन्हें संन्यास लेना पड़ा.
शिखर धवन को लगातार किया इग्नोर
शिखर धवन लंबे समय तक भारत के सबसे भरोसेमंद वनडे बल्लेबाजों में शामिल रहे. आईसीसी टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन धीरे-धीरे वह चयनकर्ताओं की नजर से बाहर हो गए. वापसी की उम्मीद में लंबे समय तक इंतजार करने के बाद उन्होंने अगस्त 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया.
हरभजन सिंह को भी नहीं मिली विदाई
दूसरी ओर, भारत के महान ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का करियर भी विवादों में रहा था. श्रीसंत को थप्पड़ मारने से लेकर सायमंड्स को मंकी कहकर चिढ़ाने वाले भज्जी को भी करियर के अंतिम सालों में लगातार नजरअंदाज किया गया और उन्हें कभी आधिकारिक विदाई मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
वीवीएस लक्ष्मण की विदाई ने भी किया था भावुक
भारत के महान टेस्ट बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी शानदार पारियों से टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई. हालांकि, 2012 में न्यूजीलैंड सीरीज से पहले जब वह टीम की योजनाओं से बाहर हुए तो उन्होंने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी. उन्हें कोई सम्मानजनक विदाई नहीं मिली.

