नई दिल्ली: लगता है कि इन दिनों भारतीय कुश्ती पर रीति काल छा गया है. ठीक उस तरह जैसे बैडमिंटन में काफी समय से छाया हुआ था. पिछले साल दिसम्बर में गीता और पवन की शादी हुई.
 
ओलिम्पिक में पदक जीतते ही साक्षी मलिक ने भी हैवीवेट के पहलवान सत्यव्रत कादियान से शादी की घोषणा करके सबको चौंका दिया. प्रो रेसलिंग लीग के दौरान राहुल मान और सरिता की शादी की खबरों ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया. अब ताज़ा खबर मुम्बई से आई है जहां जल्द ही नरसिंह यादव और एक अन्य पहलवान शिल्पी शेरोन शादी करने वाले हैं.
 
नरसिंह विश्व विख्यात पहलवान हैं. वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने के अलावा नरसिंह न सिर्फ एशियाई खेलों के पदक विजेता हैं बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स के भी स्वर्ण पदक विजेता हैं. रियो से पहले सुशील के साथ विवादों के चलते नरसिंह सुर्खियों में रहे. वहीं शिल्पी शेरोन ने पिछले साल साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया और कनाडा में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में जिस साल गीता और बबीता ने कांस्य पदक हासिल किया, उसी साल शिल्पी को पांचवां स्थान हासिल हुआ था.
 
 
जिन दिनों शिल्पी रियो ओलिम्पिक के क्वॉलिफाइंग मुक़ाबलों की तैयारियां कर रही थीं, उन दिनों नरसिंह उनकी तैयारियों में काफी दिलचस्पी ले रहे थे. उन्हें टिप्स दे रहे थे.  तैयारियों ही तैयारियों में कब दोनों की आंखें चार हुईं, किसी को पता ही नहीं चला. `नैशनल गेम्स के दौरान नरसिंह ने मेरी तैयारियों को करीब से देखा था. ओलिम्पिक क्वॉलिफाइंग तो काफी बाद की बात है. कहकर शरमा जाती हैं शिल्पी शेरोन और संवाददाता उनकी बात सुनकर खुद को चारों खाने चित महसूस करने लगता है.
 
बहुत कुरेदने के बाद उन्होंने कह ही दिया कि नरसिंह इतने स्मार्ट निकले कि उन्होंने मेरा हाथ मांग लिया और मुझे शादी के लिए प्रपोज़ कर दिया. मैंने उन्हें अपने पेरेंट्स से मिलने के लिए कहा. उनके पेरंट्स मेरे पेरेंट्स से मिले. बस फिर क्या था, बात बन गई.
 
 पिछले साल नौ नवम्बर को नरसिंह और शिल्पी की रोका सेरेमनी हुई. अब मार्च में दोनों की मुम्बई में शादी है. यह ऐसा समय है जब नरसिंह को उस व्यक्ति की ज़रूरत है, जो उसे समझ सके और उसे समझा सके. अंतरराष्ट्रीय कुश्तियों में भाग लेने के लिए उन पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
 
उन पर शक्तिवर्धक दवाओं के सेवन का आरोप है. नरसिंह इसे ग़लत साबित करने में जुटे हुए हैं और ऐसे समय में शिल्पी का साथ उन्हें उनकी तमाम तकलीफों से मुक्ति दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है.  
वैसे इस बारे में गीता फोगट ट्रेंड सेटर साबित हुई हैं. वह ओलिम्पिक में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला पहलवान हैं. पिछले साल 20 नवम्बर को उनकी पहलवान पवन से शादी हुई थी. गीता और पवन भारतीय टीम की ओर से कई विदेशी दौरे एक साथ कर चुके हैं. गीता 58 किलो वर्ग की पहलवान हैं जबकि पवन 86 किलो के पहलवान हैं.
 
गीता जहां वर्ल्ड चैम्पियनशिप की मेडलिस्ट हैं, वहीं पवन कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में दो गोल्ड जीत चुके हैं. गीता ने पिछले दिनों सरिता और राहुल मान की शादी की बात पर कहा था कि सब अरेंज मैरिज की बात करते हैं, जबकि इसमें हक़ीकत नहीं होती. ज़ाहिर है कि गीता सरिता और राहुल के ज़रिये यह कहना चाह रही थीं कि सब एक दूसरे को पसंद करते हैं और फिर उसे अरेंज मैरिज का जामा पहना दिया जाता है.
 
भिवानी के बेल्लाली गांव की गीता आज स्टार हैं. खासकर दंगल फिल्म के बाद उनकी प्रतिभा सही मायने में सबके सामने पहुंची हैं और इस फिल्म ने उन्हें स्टार बना दिया है. शादी से पहले प्रो रेसलिंग लीग में भाग लेने के लिए उन्होंने अपना हनीमून तक मुलतवी कर दिया था लेकिन फिल्म दंगल के सिलसिले में उनकी भागदौड़ इतनी ज़्यादा हो गई कि इस लीग में भाग लेने का उनका सपना ही हवा-हवाई हो गया.
 
इसका गीता को बहुत दुख है लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि वह आज दिल्ली के नांगल ठाकरान गांव में कुश्ती का अभ्यास कर रही हैं. उनका इरादा फिर से बुलंदियां छूना है. इसके लिए उन्हें पवन का साथ मिल रहा है. 
 
राष्ट्रीय स्तर पर गीता और साक्षी मलिक को कड़ी टक्कर देने वाली सरिता मोर की शादी दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान राहुल मान से होने वाली है. राहुल 65 किलो के पहलवान हैं और पिछले दिनों कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था. लव मैरिज के सवाल पर सरिता शरमा जाती हैं और सफाई देने लगती हैं कि 2015 से पहले तो उन्होंने राहुल का नाम भी नहीं सुना था.
 
इसके बाद पेरेंट्स ने जब से शादी की बात चलाई, तब से वह राहुल को जानने लगी हैं. राहुल मान को जहां सरिता की सादगी बेहद पसंद है, वहीं सरिता राहुल की खूबियों के सवाल पर शरमा जाती हैं. वह तो उनकी होने वाली शादी की खबर को भी मीडिया से छिपाना चाह रही थी.
 
इन दिनों दोनों शादी के लिए शॉपिंग करने में जुटे हैं. वहीं साक्षी और सत्यव्रत के बीच सगाई की रस्म रियो ओलिम्पिक से पहले ही हो गई थी. सत्यव्रत काफी करीब से रियो का टिकट चूक गए थे लेकिन आज उन्हें इस बात का गर्व है कि वह और साक्षी दोनों देश के लिए भाग लेते हैं.
 
उनका छोटा भाई सोमवीर भी जूनियर से सीनियर में आ चुका है. ये सब अपने अर्जुन पुरस्कार विजेता पिता सत्यवान के मुरीद हैं, जिनकी मेहनत और अनुशासन से यह परिवार आज कुश्ती-परिवार के लिए जाना जाता है. हम प्रो स्पोर्टीफाई की ओर से इन चारों जोड़ियों को शुभकामनाएं देते हैं.

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