कानपुर.  22 सितंबर को भारत अपना 500वां टेस्ट मैच कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेलेगा. इस मौके पर बीसीसीआई के ट्विटर हैंडल पर क्रिकेटर के. एल. राहुल ने एक विडियो जारी करके लोगो से पूछा है कि “क्या आप 500वें टेस्ट के लिए तैयार है.” ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बाद भारत 500 टेस्ट मैच खेलने वाला चौथा देश बन जायेगा. भारत ने अपना पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 25-28 जून 1932 को लॉर्ड्स के मैदान पर खेला था. हम आज आपको बताएंगे भारत का टेस्ट मैचों में अब तक का सफर कैसा रहा-
 
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पहले 100 टेस्ट 
 
पहले 100 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की बैटिंग और बोलिंग दोनों कमजोर थी. भारत ने इस दौर में 10 मैच जीते और 40 मैच हारे. इस दौर की टीम में रजवाड़ो का प्रभुत्व था. इस दौर के प्रमुख खिलाड़ी लाल अमरनाथ, वीनू मांकड़ और चंदू सरवटे रहे. 
 
दूसरे 100 टेस्ट 
 
70 के दशक में घरेलु पिचों पर भारत के प्रदर्शन में सुधार आया. इस दौर में जीते गए 25 टेस्ट मैचों में 18 भारत ने घरेलु पिचों पर जीते. भारतीय तेज गेंदबाजी अभी भी कमजोर थी. भारत ने इस बीच 43 मैच ड्रा कराये और 32 मैचों में हार का सामना किया.
 
तीसरे 100 टेस्ट 
 
इस दौर में भारत का प्रदर्शन और खराब रहा. टीम 100 में से केवल 21 मैच जीत पायी. इस दौर के प्रमुख खिलाड़ी कपिल देव, मो. अजहरूद्दीन, रवि शास्त्री, के श्रीकांत और जवागल श्रीनाथ रहे. इस दौर की टीम का सबसे बड़ा अचीवमेंट लगातार सात सीरीज तक कोई भी मैच न हारना था.
 
चौथे 100 टेस्ट 
 
ये दौर था सचिन, गांगुली, द्रविड़, लक्षमण और कुंबले जैसे खिलाड़ियों का इन खिलाडियों के दम पर भारत ने विदेशों में 17 मैच जीते. पहली बार भारत की जीत का प्रतिशत हार के प्रतिशत से ज्यादा रहा, भारत ने इस बीच 33 टेस्ट जीते और 32 हारे.
 
पांचवे 100 टेस्ट 
 
टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 भारत इसी दौर में बना. भारत ने इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज को उसी की ज़मीन पर हराया। भारत ने इस दौरान 40 टेस्ट जीते जबकि 27 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा