रोहतक. साक्षी मलिक ने बुधवार को भारत को रियो ओलंपिक में पहला पदक दिलाकर इतिहास रच दिया. रियो ओलंपिक में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी तो ये बनी ही, कुश्ती में मेडल लाने वाली भी पहली महिला पहलवान बन गईं.
 
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58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा करने वाली हरियाणा के रोहतक की बेटी साक्षी ने क्रिर्गिस्तान के एसुनु तिनिवेकोवा को 8-5 से हराया. जीत के बाद साक्षी ने कहा कि ये जीत उनकी 12 साल की तपस्या का फल है.
 
क्वॉर्टर फाइनल में रुसी पहलवान वेलेरियो कोबोलोवा से हारने के बाद साक्षी हताश हो गयी थीं. तब उनके कोच ने उन्हें समझाया कि मेडल जीतने की उनकी आस अभी भी बाकी है. क्वार्टर फाइनल और रेपशाज मुकाबले के बीच 2 घंटे का समय था. इस वक्त में साक्षी ने खुद को संभाला और पूरी ताकत के साथ मुकाबले में उतरीं.
 
साक्षी की इस उपलब्धि पर इंडिया न्यूज की टीम साक्षी के गांव रोहतक पहुंची, जहां ढोल-नगाड़े बज रहे थे. इस दौरान टीम ने साक्षी के माता-पिता से बात की, गांव वालों से बात की, साथ ही गांव की भावी बहुत सारी साक्षी से मुलाकात की. वीडियो में देखिए इंडिया न्यूज की खास रिपोर्ट.

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