नई दिल्ली. रियो ओलंपिक के 74 किलोग्राम वर्ग में ओलंपियन सुशील कुमार का टिकट काटकर रियो ओलंपिक के लिए सेलेक्ट हुए नरसिंह यादव डोप टेस्ट के दो-दो राउंड में फेल गए हैं. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा के टेस्ट में जब नरसिंह के खून में एक प्रतिबंधित स्टीरॉयड मिला तो दोबारा उनके खून का सैंपल लिया गया.
 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
दोबारा जांच में भी वो पास नहीं हो पाए. नाडा पैनल में नरिंसह यादव पेश हुआ है और इस मामले की सुनवाई चल रही है. नाडा जल्द से जल्द इस मामले पर फैसला सुनाएगा ताकि नरसिंह यादव को लेकर मामला साफ हो सके.
 
 
दूसरी तरफ नरसिंह ने मीडिया से कहा है कि उसके खिलाफ साजिश की जा रही है. नरसिंह ने कहा कि जब उसे पता है कि वो ओलंपकि में हिस्सा लेने जा रहा है तो क्यों कोई ऐसी चीज करेगा जिससे उसका सपना टूट जाए. लेकिन अगर नरसिंह का टिकट रियो से वापस लिया जाता है तो इस सेक्शन में भारत की तरफ से कोई हिस्सा नहीं ले पाएगा क्योंकि ओलंपिक में एंट्री भेजने की आखिरी तारीख 18 जुलाई थी जो बीत चुकी है.
 
 
भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि नरसिंह यादव के फेल होने से सुशील कुमार को कोई फायदा नहीं होने वाला है क्योंकि ओलंपिक में एंट्री बंद हो चुका है. ओलंपियन सुशील कुमार ने नरसिंह यादव को रियो ओलंपिक के लिए सेलेक्ट करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी और ट्रॉयल कराने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
 
ऐसे में नरसिंह यादव के रियो जाने पर किसी तरह के संकट से भारतीय खेल प्रेमी निराश होंगे. फिलहाल नरसिंह रियो जाएंगे या नहीं जाएंगे, इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है. नाडा के फैसले का जितना इंतजार नरसिंह को है, उसस ज्यादा देश के खेल प्रेमियों को है क्योंकि ये एक मेडल यूं ही गंवा देने का मसला होगा.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App