नई दिल्ली. रोहन बोपन्ना ने रियो ओलंपिक में लिएंडर पेस के साथ मेन्स डबल में खेलने से इंकार कर दिया है. रोहन की इस जिद के चलते लिएंडर पेस का अपना सातवां ओलंपिक खेलने का सपना टूट सकता है. दरअसल बोपन्ना रियो ओलंपिक खेलों में अपने जोड़ीदार के रुप में साकेत मायनेनी को चुनना चाहते हैं. हालांकि एआईटीए ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया है. 
 
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बता दें कि बोपन्ना की टॉप 10 रैंकिंग के कारण रियो ओलंपिक टेनिस स्पर्धाओं के मेन्स डबल्स मुकाबलों में भारत को सीधे प्रवेश मिला है. बोपन्ना ने कहा कि मैं अपने दूसरे ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हूं और इस विशेषाधिकार, सम्मान, और जिम्मेदारी को समझता हूं. जोड़ीदार के रुप में 28 वर्षीय मायनेनी मेरी पहली पसंद है.
 
अठारह ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पेस अपने सातवें ओलंपिक में भाग लेने पर निगाह लगाये हैं, लेकिन बोपन्ना की पसंद से साफ पता चलता है कि वह भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धियों की परवाह नहीं करते. बोपन्ना नियमों के अनुसार अपनी पसंद का जोड़ीदार चुन सकते हैं लेकिन साथ ही यह भी सच है कि अगर बोपन्ना कट-ऑफ तारीख पर विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर रहते हैं तो वह और पेस अपनी संयुक्त रैंकिंग से ड्रॉ में प्रवेश कर सकते हैं, जो सहजता से नहीं तो कुछ अंतर से कर सकते हैं.
 
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सूत्रों ने दावा किया कि एआईटीए ने बोपन्ना की बात सुन ली है लेकिन यह साफ है कि वे खिलाड़ी को उनकी शर्तें नहीं चलाने देंगे. एआईटीए अधिकारी ने कहा, ‘‘यह उचित कदम नहीं होगा. लोग यह नहीं भूलेंगे कि अगर पेस इस ओलंपिक में नहीं खेल पायें तो यह रोहन के कारण होगा. उसे काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ेगा. ’’ आईटीएफ नियमों में स्पष्ट लिखा है कि युगल टीम राष्ट्रीय संघ द्वारा चुनी जाती है. जब तक एआईटीए मायनेनी और बोपन्ना को बतौर टीम मंजूरी नहीं देते, वे खेल नहीं सकते.