नई दिल्ली. बीसीसीआई में पारदर्शिता, सुधार करने के लिए बनाई गई लोढा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है. इसके अलावा कमेटी ने IPL के पूर्व COO सुंदर रमन की संदिग्ध भूमिका पर भी एक रिपोर्ट सौंपी है. जस्टिस लोढ़ा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के बीसीआईआई के पदाधिकारियों और करीब 6 कप्तानों से चर्चा की गई है. कमेटी ने सिफारिश की है कि मंत्री और सरकारी अधिकारी बीसीसीआई के पदाधिकारी न बनाए जाएं.
 
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि बीसीसीआई केवल कुछ राज्यों की संस्था नहीं है, यह देशभर का प्रतिनिधित्व करती है. कमेटी ने सिफारिश की है कि सभी राज्यों को वोटिंग का अधिकार मिलना चाहिए और सभी राज्यों में असोसिएशन होना अनिवार्य किया जाना चाहिए. इसके अलावा बीसीसीआई के भीतर शासन और प्रबंधन को भी अलग किया जाना चाहिए. रिपोर्ट में सिफारिश है कि आईपीएल की मुख्य अधिशासी इकाई को गवर्निंग काउंसिल के नाम से जाना जाए, जिसमें नौ सदस्य होंगे. इसके अलावा आईपीएल और बीसीसीआई के लिए अलग-अलग गवर्निंग बॉडी की भी सिफारिश की गई है. 
 
कमेटी ने सिफारिश की है कि आईपीलए की गवर्निंग काउंसिल की स्वायतता सीमित की जानी चाहिए. कमेटी का मानना है कि बीसीसीआई में लगातार दो कार्यकाल तक किसी भी पदाधिकारी का बना रहना अनुचित है. बीसीसीआई में किसी का कार्यकाल 3 से ज्यादा न हो और एक व्यक्ति एक ही पद पर रहे, किसी के लिए प्रॉक्सी वोटिंग न हो. 

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