नई दिल्ली: वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर आज भी हमारे समाज में जानकारी का अभाव है. कूड़े के निष्पादन और प्रदूषण पर इंडिया न्यूज के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से खास बातचीत की. नीतिन गडकरी गंगा सफाई मामलों के भी मंत्री हैं और उनके कई सुझाव नगर निगम ने भी अपनी कार्यशैली में शामिल किए हैं. इसके अलावा नितिन गडकरी कई सफाई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं नितिन गडकरी ने कहा कि कूड़े को अलग-अलग रखना सीखना होगा ताकि ऑर्गेनिक कचरे को दूसरे कचरे से अलग रखा जा सके. 
 
नितिन गडकरी ने कहा कि सभी औद्योगिक इंडस्ट्री में हम ऐसे प्रयोग करेंगे जिससे इनमें इस्तेमाल होने वाले पानी को फिर से री-साइकिल करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सके. उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक कचरे से खाद तैयार होती है और प्लास्टिक से क्रूल पेट्रोल तैयार होता है. वडोदा दौरे का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि कबाड को फाइन आर्ट्स के छात्रों को दिया गया और उन्होंने उस कबाड़ से ट्रे, फोटो फ्रेम, बास्केट जैसी कई चीजें बनाई. 
 
रिसर्च का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि मानव मूत्र में कई तरह के कैमिकल होते हैं जिसे अगर संग्रहित किया जाए तो साल भर में 45 हजार करोड़ का यूरिया बनाया जा सकता है.  उन्होंने कहा कि इकनॉमी, इकोलॉजी और इनवायरमेंट को मिलाकर ही हमें काम करना है. बतौर नितिन गडकरी आने वाले समय में कचरे को उद्यमशीलता बनाने पर काम करना चाहिए. हम टेकनालॉजी में बहुत आगे आ गए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि एक बाइक कंपनी से उन्होंने करार किया है जो एथनॉल पर चलने वाली बाइक बनाएगी. उन्होंने ये भी कहा कि अगर ऐसा हो गया तो यूपी समेत देश के कई राज्यों में एथनॉल पर चलने वाली बाइक इस्तेमाल होगी.
 

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