नई दिल्ली: संत का ढोंग रचने वाला, खुद को मैंसेजर ऑफ गॉड बताने वाला राम रहीम दरअसल मैसेंजर ऑफ फ्रॉड निकला, उसने धर्म की आड़ में पाप की लंका बनाई. साधु के भेष में रावण अवतार धारण किया. बुराई का रावण अवतार. भगवान के नाम पर सत्संग से लेकर फिल्मी पर्दे तक हाथ आजमाया. खुद को मैसेंजर ऑफ गॉड कहता रहा, राम के नाम पर भजन से लेकर हिपहॉप और डिस्को डांस तक किया लेकिन क्या एक धर्मगुरु, एक संत का फिल्मों में काम करना सही है ? 
 
राम रहीम के दशानन अवतार का पहला केरेक्टर है- दुश्शासन. महाभारत काल के दुश्शासन को चीरहरण के लिए जाना जाता है लेकिन कलियुग में राम रहीम दुश्शासन ने सैकड़ों मील आगे निकल गया. इसने ना सिर्फ लड़कियों का चीरहरण किया. बल्कि इसकी गुप्त गुफा से रातभर लड़कियों की चीख सुनाई देती थी.
 
टीवी पर चंद्रकांता सीरियल देखने वालों को याद होगा डाकू क्रूर सिंह. राम रहीम कलियुग का क्रूर सिंह था. डेरे में जो भी साध्वी या गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियां राम रहीम के साथ रात बिताने से मना करती थीं. राम रहीम उसे मन सुधार कमरा या टॉर्चर रूम में ले जाता था. कुर्सी से बांधकर वहां लड़कियों को पीटा जाता था.
 
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