नई दिल्ली: 50 साल की उम्र में राम रहीम की रंगीनियत के चर्चे हैं, वो कपड़े रंगीन पहनता था और दिल से भी रंगीन था. कुकर्मी बाबा ताकत बढ़ाने के लिए शक्तिवर्धक दवाईयां लेता था. आसाराम भी शक्ति वर्धक दवाइयां लेता था. खुलासा हुआ है कि राम रहीम भी शक्तिवर्धक दवाइयां लेता था.
 
 
राम रहीम के कभी करीबी रहे हंसराज चौहान ने खुलासा किया है कि लड़कियों को गुफा में बुलाने से पहले वो सेक्सवर्धक दवाइयां लेता था. ताकत बढ़ाने के लिए स्वर्ण भस्म खाता था. दवाई खाने के बाद कांड करता था उस बाबा ने स्कूली बच्चियों को भी नहीं छोड़ा. खुलासा हुआ है कि आसाराम की तरह राम रहीम ने अपने वैद्य रखे थे. ये वैद्य राम रहीम के लिए विशेष तरह की जड़ी बूटियों से शक्तिवर्धक दवाइयां बनाते थे.
 
सीबीआई की चार्जशीट और कोर्ट के फैसले में इस बात का जिक्र है कि धरम सिंह राम रहीम का खास रसोइया था. वो सिर्फ बाबा के लिए खाना तैयार करता था. शक है कि धरम सिंह को इस बात की पूरी जानकारी थी. हंसराज चौहान कहते हैं कि उन्होंने एक बार एक वैद्य को पत्थर पर कुछ रगड़ते हुए देखा था.
 
 
खुलासे के मुताबिक पृथ्वीराज सबसे पहले राम रहीम की सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाई बनाते थे, जब वो डेरा छोड़कर चले गए तो उनकी जगह आत्माराम को बुलाया गया और फिर उसके बाद तीसरे को. राम रहीम अगर शक्तिवर्धक दवाईयां खाता तो मर्दानगी बढ़ाने के दूसरे नुस्खे भी आजमा रहा था. स्वर्णभस्म और चांदी से बनाए गए भस्म के अलावा राम रहीम खाने में भी इसका इस्तेमाल रखता था. वो जब भी खाना खाता, तो उसमें ड्राई फ्रूट्स मिलवाता था, जो शरीर को ताकत पहुंचाते थे.
 
राम रहीम ना सिर्फ अय्याश था बल्कि एक्टिंग के हर फन में भी माहिर था. राम रहीम ने अपनी शक्तिवर्धक बूटी के सच को जज के सामने छिपाने के लिए नकली एक्टिंग की. उसने अपनी मर्दानगी पर ही सवाल उठाते हुए जज से कहा कि वो नपुंसक है लेकिन जज इस पाखंडी बाबा की नस-नस से वाकिफ थे. कोर्ट के फैसले के पेज नंबर 36 पर इसका जिक्र भी है. 
 
 
जब जज ने राम रहीम से सवाल पूछे…
जज साहब – राम रहीम आपने दो लड़कियों से रेप किया है, आपके ऊपर गंभीर इल्जाम हैं
राम रहीम – हुजूर मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं. 1990 के बाद मैं किसी भी लड़की का रेप कर ही नहीं सकता. मैं मेडिकली और फिजिकली रेप करने में सक्षम ही नहीं. 
 
कोर्ट के फैसले की कॉपी के पेज नंबर 67 पर आगे भी जिक्र है. राम रहीम के नपुंसक वाले बयान पर जज ने कहा-
जज साहब – हॉस्टल की वार्डन ने क्रॉस एग्जामिन में बताया है कि आपकी दो लड़कियां हैं. जिनके नाम चरणप्रीत और अमरप्रीत हैं. जो 5वीं और 8वीं क्लास में 1998 में डेरा हॉस्टल में पढ़ रही थीं. इसके अलावा, आरोपी का कोई भी मेडिकल रिकॉर्ड भी ऐसा नहीं है, जिससे इस आधार को सही साबित किया जा सके. जबकि आरोपी के बच्चे भी हैं. जो कि साफ करता है कि आरोपी नपुंसक नहीं है.
 
 
ये सवाल सुनने के अगले कई मिनटों तक राम रहीम की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. वो हाथ जोड़कर कठघरे में खड़ा रहा और खुद के लिए माफी मांगता रहा. जज ने नौटंकीबाज राम रहीम के इस दावे को तथ्यों के आधार पर झूठा साबित किया. अपने 165 पन्नों के इस फैसले में जज जगदीप सिंह ने राम रहीम के कैरेक्टर पर सवाल उठाते हुए उसके इस दावे को गलत ठहरा दिया. साथ ही अपने फैसले में ये भी लिखा कि जिसने अपनी साध्वियों को ही नहीं छोड़ा और जो जंगली जानवर की तरह पेश आया वो किसी रहम का हकदार नहीं है. 
 
राम रहीम साध्वियों का शोषण करने के लिए शक्ति-वर्धक दवाई ही नहीं लेता था बल्कि खुद को जवान बनाए रखने के लिए मेकअप भी करवाता था. वो लड़कियों के सामने यंग दिखने के लिए वैक्सिंग कराता था और दावे के मुताबिक राम रहीम इसके लिए खासतौर पर सिरसा से दिल्ली आता था.
 
 
जेल जाने से कुछ दिन पहले भी राम रहीम को दिल्ली में एक मेडलिंक्स में देखा गया. राम रहीम खुद को नपुंसक कहता था लेकिन असल में ऐसा था नहीं, जबकि इसके उलट उसने कई साधुयों को नपुंसक बनाया, ऐसा आरोप है. राम रहीम  पर आरोप है कि करीब 400 साधुओं को उसने नपुंसक बनवा दिया.

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