नई दिल्ली. हिंदुस्तान की सड़कों पर बेलगाम काल दिख रहा है. सेकंड-सेकंड यहां की सड़कों पर मौत दौड़ रही है. हम आपको बताएंगे कि सेकंड भर की लापरवाही कैसे जानलेवा साबित हो रही है. 
 
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हिंदुस्तान में सड़क हादसे में हर 3.6 मिनट में एक इंसान की जान जाती है. यहां रोजाना करीब 1400 सड़क हादसे होते हैं, जिसमें 400 लोगों की मौत होती है. 77 फीसदी सड़क हादसे के लिए ड्राइवर जिम्मेदार हैं. सड़क हादसे में मरने वालों में 33 फीसदी 15-24 आयु वर्ग के हैं.
 
हरियाणा के सोनीपत में एक बाइकसवार की बस की चपेट में आने से मौत हो गई. एक बाइकसवार बस से टकरा गया, जिसके बाद बाइक और बाइकसवार जमीन पर गिर गया और बाइक बस के बोनट के निचले हिस्से में फंस गई. और बाइकसवार की बस के चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. यह हादसा गीता भवन चौक के पास हुआ.
 
राज्यों के आंकड़ों में अगर नजर डाली जाए तो यूपी में सबसे अधिक 17,666 लोगों की मौत सड़क हादसे में हुई है. 15,642 मौतों के साथ तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है. इसके बाद महाराष्ट्र 13,212, कर्नाटक 10,856 और राजस्थान 10,510 का नंबर आता है.
 
मंत्रालय के रिपोर्ट के मुताबिक सड़क हादसों में एक तिहाई मामले दुपहिया वाहनों से जुड़े हैं. ओवरलोडेड गाड़ियों की वजह से 77,116 हादसे हुए हैं. तेज रफ्तार की वजह से 62.2 फीसदी हादसे हुए. सबसे ज्यादा 61 फीसदी मौतें भी ओवरस्पीड की वजह से ही हई. 4.2 फीसदी हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से हुए. केंद्रीय परिवहन मंत्रालय इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सड़क हादसे को लेकर मेगा प्लान तैयार कर रहा है.
 
इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम में देखिए कि किस तरह भारत में आए दिन होते हैं सड़क हादसे.