नई दिल्ली. महाकाल से हारेगा केदार का काल. अब अगर हिमालय पर हाहाकार मचा तो सैलाब को साक्षात शिव से मिलेगी शिकस्त. अब चाहे तबाही के बादल फटे या बरबादी की बाढ़ आए पर भोलेनाथ का धाम और उनके भक्तों का बाल भी बांका नहीं होगा. कुदरत का कोप बाबा केदार को छू भी नहीं पाएगा. जी हां, केदारधाम में महादेव के मंदिर को मिला है ऐसा सुरक्षा कवच जो बड़ी से बड़ी आपदा को भी बेअसर कर देगा.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
देवों के देव महादेव यूं तो खुद ही सर्वशक्तिमान हैं. भक्तों के लिए सबसे बड़ा रक्षा कवच खुद शिव हैं लेकिन जब धरती डोलती है, बादल फटते हैं, नदियां हाहाकार करती हैं तो भोले के भक्त त्राहिमाम कर उठते हैं.
 
उनकी आस्था का सबसे बड़ा केन्द्र काल की चोट से कराहने लगता है, पर अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि भोले और उनके भक्तों को ऐसी किसी भी आपदा से बचाएंगे एक नहीं दो नहीं, तीन-तीन रक्षा कवच.
 
कैसा है ये रक्षा-कवच और कैसे करेगा ये बाबा केदार की सुरक्षा, जानने के लिए देखिए इंडिया न्यूज का खास कार्यक्रम सच कहता हूं.