नई दिल्ली. मानव सभ्यता और विज्ञान ने तरक्की और विकास हर पैमाने को छोटा साबित कर दिया है कि ऐसा लगता है कि अब तो नामुमकिन कुछ भी नहीं. कम्प्यूटर का आकार टेबल से सिमटकर हथेली तक पहुंच गया है. हमें कम्प्यूटर क्या मिला दुनिया हमारी मुट्ठी में समा गई. लेकिन क्या आप जानते हैं आज से 2,000 साल पहले ही ब्रह्मांड के सबसे पहले सुपर कम्प्यूटर का आविष्कार हो चुका था.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
जिन गणनाओं और भविष्यवाणियों को बता कर आज हमारी बांहें खिल जाती हैं उससे ज्यादा सटीक गणनाएं आज से 2,000 साल पहले ही की जाती थीं. कुछ एमेचर डाइवर्स गर्मी से राहत पाने के लिए पानी में गोता लगा रहे थे. तभी चालीस मिटर की गहराई पर एक गोताखोर को कुछ मूर्तियां दिखाई दीं. गोताखोर पास गया तो समंदर की तलहटी में उसे पूरा का पूरा एक डूबा जहाज़ दिखाई दिया. वो फौरन वापस आया और दोस्तों को इस बारे में बताया. ये ख़बर प्रोफेश्नल गोताखोरों और कुछ वैज्ञानिकों को दी गई. 
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
ज्ञानिकों का एक बड़ा दल वहां पहुंचा और प्रोफेश्नल गोताखोरों ने समंदर में गोता लगाया. समंदर में डूबे जहाज़ और अपार खज़ाने को देखकर हर कोई हैरान था. समंदर में डूबे जहाज़ से कई चीज़ें मिली. मूर्तियां, टूटे हुई बर्तन, धातु के औज़ार. ये सभी करीब 2,000 साल से ज्यादा पुराने थे.
 
इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम नीला चांद में देखिए ब्रह्मांड के सबसे पहले सुपर कम्प्यूटर का आविष्कार.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App