नई दिल्ली. महाराष्ट्र के सुखाग्रस्त जिला अहमदनगर का एक गांव हिवरे बाजार पर्यावरण संबंधी समस्या के कारण गर्त में जा रहा था. लेकिन एक दशक से भी कम समय में इसके हालात बदल गए, अब इसे देश के सबसे समृद्ध गांवों में गिना जाने लगा है. यह सब किसी जादू की छड़ी से नहीं बल्कि यहां के लोगों की सामान्य बुद्धि से संभव हुआ है.

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यह सब उन्होंने सरकारी योजनाओं के जरिए प्राकृतिक संसाधनों, वनों, जल और मिट्टी को पुनर्जीवित कर एक मजबूत नेतृत्व से किया. इस काम में उनका आदर्श अन्ना हजारे का गांव रालेगन सिद्धी था. अब हिवरे बाजार पूरे अहमदनगर जिले के लिए उदहरण बन गया है, जहां लोग उसकी योजनाओं की नकल करते हैं. 
 
हिवरे बाजार में महज 305 लोग रहते हैं और इनमें से 80 लोग करोड़पति हैं. बेशक यह बात चौंकाने वाली लगती है, लेकिन यही सच है. इस गांव में एक भी मच्छर नहीं है. यहां मच्छर ढूंढने पर इनाम दिया जाता है. यह देश का इकलौता ऐसा गांव है जहां 300 लखपति लोग हैं. इस गांव में कोई भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं है. यहां पूर्ण शराब और तंबाकू बंदी है. हिवरे बाजार के 50 परिवार ऐसे हैं जिनकी सालाना आय 10 लाख से ज्यादा है. 
 
इंडिया न्यूज़ के खास कार्यक्रम EXCLUSIVE REPORT में देखिए हिवरे बाजार में बरसता सोना.
 
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