PM Modi Gujarat Somnath Swabhiman Parv Live Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गृह राज्य गुजरात के दौरे पर हैं. इसी कड़ी में पीएम मोदी शनिवार को सोमनाथ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ. पीएम मोदी आज (रविवार) सुबह लगभग 9.45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे. यह एक औपचारिक शोभायात्रा है, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है.
शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा. इसके बाद, लगभग 10.15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे. पीएम मोदी लगभग 11 बजे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे.
इससे पहले शनिवार की शाम को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में श्री सोमनाथ ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की. साथ ही उन्होंने ओंकार मंत्र का जाप किया.
श्री सोमनाथ ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर परिसर के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार और सोमनाथ को और अधिक आकर्षक तीर्थस्थल बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “सोमनाथ में मैंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक मीटिंग की अध्यक्षता की. हमने मंदिर परिसर में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और भी यादगार बनाने के तरीकों पर चर्चा की.”
Somnath stands as a beacon of eternal divinity. Its sacred presence continues to guide people across generations. Here are highlights from yesterday’s programmes, including the Omkar Mantra chanting and drone show.#SomnathSwabhimanParv pic.twitter.com/lCZxiaauMp
— Narendra Modi (@narendramodi) January 11, 2026
इसके बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और ओंकार मंत्र का जाप किया. उन्होंने इसकी तस्वीर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ॐ हमारे वेदों का, शास्त्रों का, पुराणों का, उपनिषदों और वेदांत का सार है. ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है. ॐ ही साधना में साध्य है. ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है. ॐ से ही हमारे मंत्र प्रारंभ एवं पूर्ण होते हैं. आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में 1000 सेकंड्स तक ओंकार नाद के सामूहिक उच्चार का सौभाग्य मिला. उसकी ऊर्जा से अंतर्मन स्पंदित और आनंदित हो रहा है. ॐ तत् सत्!!”
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “सोमनाथ में आकर बहुत अच्छा लग रहा है, जो हमारी सभ्यता की हिम्मत का एक गौरवशाली प्रतीक है. यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हुई है, जब पूरा देश सन् 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के हजार साल पूरे होने पर एक साथ आया है. गर्मजोशी से स्वागत के लिए लोगों का आभारी हूं.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शौर्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ को मिटाने वाले, हमला करने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया गया है. सोमनाथ को मिटाने वाले देश को मिटाने वाले गजनवी हो या औरंगजेब, सभी चले गए, लेकिन हम आज भी वहीं हैं. देश में सभी को एकजुट होकर रहना होगा. देश को बांटने की साजिश करने वाले अपना खेल करके चले गए, लेकिन कोई सफल नहीं हो पाया. आगे भी हम सभी को मिलकर रहना होगा. सोमनाथ का इतिहास जबरदस्त साहस गर्व और गौरव का इतिहास है.
सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा लेकिन तुष्टीकरण के ठेकेदारों ने हमेशा इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके. जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निमाण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई. 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई. आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया. आज तलवारों की जगह दूसरे कुच्छित तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है."
सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई."
सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह समयचक्र है, सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए मजहबी आक्रांता आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमट कर रह गए हैं और सोमनाथ मंदिर उसी विशाल समुद्र के किनारे गगनचुंबी धर्मध्वजा को थामे खड़ा है."
सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मज़हबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम में ही 'सोम' अर्थात 'अमृत' जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है."