नई दिल्ली : इंडिया न्यूज के शौर्यगाथा सम्मान समारोह गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अर्द्धसैनिक बलों के 13 शूरवीर जवानों को सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने एक ऐसे जवान की कहानी भी बताई, जिसकी बहादुरी ने उन्हें भावुक कर दिया था. 
 
राजनाथ सिंह ने बताया कि वह एक बार टेकनपुर में बीएसएफ अकेडमी गए थे. वहां दिव्यांग बच्चों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. उस कार्यक्रम में ग्वालियर से भी एक डेलिगेशन आया हुआ था.
 
आंखें खोने के बाद भी चेहरे पर आत्मविश्वास
वहां पर राजनाथ सिंह से एक असिस्टेंट कमांडेंट संदीप मिश्रा का परिचय कराया गया. उस जवान की दोनों आंखें नहीं थीं. गृहमंत्री ने बताया कि संदीप मिश्रा ने उल्फा आतंकियों से लड़ते हुए अपनी दोनों आंखें गंवा दी थीं. राजनाथ सिंह ने बताया कि दोनों आंखें ने होने के बावजूद भी उस जवान के चेहरे पर चमक और आत्मविश्वास था. उसके इस जज्बे को देखकर गृहमंत्री भावुक हो गया. 
 
 
संदीप मिश्रा की आंखें साल 2002 में चली गई थीं. अंधे होने के दो-चार साल बाद उसने मेट्रीमोनियल में शादी के लिए विज्ञापन दिया. जहां दिव्यांगों के लिए शादी के रिश्ते आने मुश्किल बताए जाते हैं वहीं,  दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक लड़की इंद्राक्षी सामने आई और कहा कि मैं संदीप मिश्रा से शादी करूंगी. इंद्राक्षी  का कहना था कि संदीप ने देश के लिए आंखें गवाई हैं इसलिए मैं उसकी जिंदगी की रोशनी बनना चाहती हूं. 

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