नई दिल्ली: राधे मां आखिर लाल रंग के कपड़े ही क्यों पहनती हैं, आखिर क्यों वो हाथ में त्रिशूल धारण किए रहती हैं. क्यों वो फिल्मी गानों पर ठुमक ठुमक कर नाचती है और क्यों वो प्रवचन देने की बजाय केवल नाचना गाना पसंद करती हैं. आज आप लोगों को इस शो के माध्यम से इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे क्योंकि आज राधे मां का नार्को टेस्ट होने वाला है. राधे मां का कहना है कि मैं दुनिया के लिए अपना लाइफस्टाइल नहीं बदल सकती हूं. राधे मां जहां कहीं जाती हैं, सोलह श्रृंगार कर सज धजकर पहुंचती हैं. लाल जोड़े में राधे मां किसी दुल्हन की तरह सजी होती हैं. राधे मां को देखकर कोई भी ये नहीं कह सकता वो 50 की उम्र पार कर चुकी है. इतना ही नहीं, राधे मां एक हाथ में त्रिशूल भी जरूर रखती हैं. आखिर दुनिया के सामने राधे मां दिखावा करती है या फिर इसके पीछे कोई गहरा राज है.

राधे मां को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि वह धार्मिक दिखने के लिए अपने पास त्रिशुल रखती हैं. राधे मां को लेकर डॉली बिंद्रा का कहना है कि राधे मां खुद को बॉलीवुड की हीरोइन समझती है. फिल्मी गानों पर भक्तों के सामने नाचना, भक्तों की गोद चढ़कर अश्लील डांस करना और तो और छोटे कपड़े पहनकर फोटो खिंचवाना. जाहिर तौर पर ऐसा करना किसी धर्मगुरु को शोभा नहीं देता फिर चाहे राधे मां हो या कोई और इसे लेकर राधे मां के भक्त तो खुलासा कर ही रहे हैं साथ ही मनोचिकित्सकों का मानना है कि एक डर को छिपाने के लिए ये दिखावा भी हो सकता है.

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