नई दिल्ली: साल 2017 आतंकियों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रहा है जो बार-बार हाफिज़ जैसे आतंक के सरगनाओं को डराता रहेगा. क्योंकि इसी साल भारतीय सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट शुरू किया था. जिसका मकसद था घाटी से आतंकवादियों का सफाया और यही ऑपरेशन 2017 का सबसे बड़ा और कामयाब ऑपरेशन साबित हुआ. क्योंकि कश्मीर में 200 से ज्यादा आतंकियों को भारतीय सेना ने कफन पहना दिया.

भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट ने ना केवल लश्कर ए तैय्यबा को तगड़ा झटका दिया है बल्कि हिजबुल मुजाहिदीन और जैश से मोहम्मद के आतंकी भी ढेर किये गये. ऑपरेशन आल आउट में बड़ी कामयाबी उस वक्त मिली जब मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी के भांजे औवेद को मार गिराया गया. इराक और सीरिया से जड़े उखड़ने के बाद बगदादी के आतंकियो ने साल 2017 में वादी में पैर ऱखने की कोशिश की. लेकिन भारतीय सेना ने ISIS की पहली ही कोशिश को नाकाम कर दिया. ISIS के लिए आतंक फैलाने वाले आतंकी मुगीस अहमद को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया. इसी तरह देश के भीतर रहते हुए आतंक के सरगनाओं का दामन थामने वाले आतंकियों को भी उनके अंजाम तक पहुंचाया गया.

साल 2017 में हर गुजरते दिन के साथ मरने वाले आतंकियों की फेहरिश्त लंबी होती चली गई. सेना का मनोबल बढता गया. भारतीय सेना के काम को खुद आतंकियों की अय्याशी ने आसान किया. जी हां, ये खुलासा लश्कर कमांडर अबु खालिद के मारे जाने के बाद हुआ. दरअसल अय्याशी के चक्कर में लड़कियों से बेवफाई करने वाले आतंकियों के लिए लड़कियां बड़ी मुसीबत बन गई.

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