नई दिल्ली: अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच समझने और समझाने का वक्त नहीं रहा है. किम जोंग की बढ़ती सनक और उसकी धमकियों ने जंग की जमीन तैयार कर दी है. लिहाजा अब अमेरिका मनाने और समझाने में वक्त जाया नहीं करना चाहता. यही वजह है कि किम जोंग का एक ही इलाज नजर आ रहा है वो है जंग. जी हां, अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान मिलकर किम जोंग के हर प्लान को फेल करने का युद्धाभ्यास कर रहे हैं. इस मिलिट्री ड्रील का मकसद हर मोर्चे पर किम जोंग को शिकस्त देना है.

दुनियाभर के जानकार कहते हैं कि जंग किसी विवाद का समाधान नहीं है. लेकिन जब सामने सनकी तानाशाह जंग के लिए तैयार बैठा हो. फिर अमेरिका तो क्या दुनिया के किसी भी मुल्क का सैन्य तैयारी करना लाजमी है. अभी 5 रोज पहले की बात है जब नॉर्थ कोरिया ने साफ लफ्जों में कह दिया था कि अगर-मगर का वक्त नहीं रहा..जंग होकर रहेगी. बस वक्त तय होना बाकी है. इसका सीधा मतलब अमेरिका को सनकी की ललकार के तौर पर देखा गया और अमेरिका ने बिना देर किये तानाशाह को तबाह करने की तैयारी शुरू कर दी..

किम जोंग अमेरिका से जंग को तैयार है तो इसकी वजह किम जोंग के पास मौजूद बेपनाह ताकत है. ढाई करोड़ आबादी वाले नॉर्थ कोरिया के पास परमाणु ताकत है. हाईड्रोजन बम का नॉर्थ कोरिया परीक्षण कर चुका है और तो और किम जोंग बैलेस्टिक मिसाइलें भी बना चुका है. एक सनकी तानाशाह के पास इन हथियारों की मौजूदगी ने परमाणु युद्ध के खतरे को कई गुना बढा दिया है.

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