मॉस्को. रूसी सशस्त्र सेना के जनरल स्टाफ ने बुधवार को कहा कि रूसी सेना ने इस्लामिक स्टेट के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सटीक निशाना लगाने वाले उच्च क्षमतावाले हथियारों का इस्तेमाल किया है. रूसी सशस्त्र बल के जनरल स्टाफ कर्नल जनरल आंद्रे करतापोलोव के हवाले से कहा, “निशाने से अधिकतम विचलन पांच मीटर है.”
 
रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वायु सेना ने 112 हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें नागरिक ठिकानों को क्षति पहुंचाए बिना लगभग 40 फीसदी आईएस ठिकानों को नष्ट किया गया है. मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में आईएस ठिकानों पर हमले सीरियाई सेना की खुफिया जानकारी के आधार पर की जाती है, जिनकी रूसी सेना द्वारा पुष्टि भी की जाती है. रूस ने बुधवार को कैस्पियन सागर में युद्धक जहाज से सीरिया में आईएस ठिकानों पर क्रूज मिसाइलों से हमले शुरू किए. इस दौर दो दर्जन से अधिक मिसाइल दागे गए.
 
हथियारों का परीक्षण कर रहा है रूस
नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के महासचिव जेंस स्टोलटेनबर्ग ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूस सीरिया में अपने अत्यंत आधुनिक हथियारों का परीक्षण कर रहा है. नाटो के रक्षा मंत्री स्तर की बैठक में स्टोलटेनबर्ग ने एक संवाददाता सम्मेमलन में कहा, “सीरिया में जो कुछ भी हो रहा है, वह निश्चित तौर पर नाटो के लिए अहम है, क्योंकि हम देख रहे हैं कि रूस अपने कुछ अत्यंत आधुनिक हथियारों का परीक्षण कर रहा है.”
 
महासचिव ने कहा कि वह सीरिया में बढ़ रही रूसी फौजों की उपस्थिति और नाटो हवाई सीमा के उल्लंघन से भी चिंतित हैं. स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि नाटो के रक्षा मंत्रियों ने सीरिया में बढ़ रही रूसी फौजों के मुद्दे पर चर्चा की है और इस बात से सहमत हैं कि हालात गंभीर चिंता वाली है. उन्होंने कहा, “मैंने रूस से सीरिया के खिलाफ कार्रवाई में रचनात्मक भूमिका की अपील की थी लेकिन रूस की कार्रवाई व सीरिया की वर्तमान सरकार को समर्थन मददगार नहीं है.”

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