नई दिल्ली: राम के नाम पर गंद फैलाने वाला ना आसाराम बचा..ना राम रहीम..फिर भला इन्हीं के नक्शेकदम पर चलने वाला चेला कैसे बचता. जी हां, कानून की छात्रा से रेप के आरोपी बाबा फलाहारी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बाबा के काम ना बीमारी का बहाना काम आया और ना चेलों की भीड़ ही बाबा को बचा पाई.
 
फलाहारी बाबा के लड़की को हवस का शिकार बनाने के वही तौर तरीके थे. जो लंबे वक्त तक आसाराम और राम रहीम अपनाते आए. पहले आस्था और विश्वास के जाल मे फांसना और बात ना बने तो धमकी देना. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ. जब पीड़िता को बाबा की नीयत पर शक हो गया .तब बाना ने सबसे शर्मनाक कांड किया.
 
 
आसाराम और राम रहीम धर्म की आड़ में दुकान चलाने वाले बड़े खिलाड़ी थे. लंबे वक्त से इनका धंधा भी खूब चल रहा था लेकिन धर्म को धंधा बनाने वालों की फेहरिश्त बहुत लंबी है. कोई प्रवचन सुनाकर भक्तों को लूट रहा है. तो किसी ने इलाज का धंधा खोल रखा है. अंधविश्वास फैलाकर ऐसे बाबा भोले भाले लोगों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं. 
 
जेल पहुंचे बाबाओं ने इतना तो यकीन दिला ही दिया कि धर्म-कर्म का बिजनेस बहुत बड़ा है. जिसमें नुकसान ना के बराबर है जबकि मुनाफा इतना ही सालभर में कंगाल को भी करोड़पति बना दे. यही वजह है कि कुरकमुत्ते के तरह बाबाओं हर जगह उग आए हैं. ऐसा ही एक बाबा है. झाडू वाला बाबा. ऐसे बाबाओं की हिंदुस्तान में बाढ आई हुई है और लोग इनके फेर में फंसकर ना केवल धोखा खा रहे हैं. बल्कि अपनी दौलत भी दोनों हाथों से लुटा रहे हैं.

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