नई दिल्ली. जोधपुर से शाहजहांपुर, और पानीपत से सूरत, विवादास्पद गुरु आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के ख़िलाफ़ विभिन्न मामलों में गवाहों पर हमले हो रहे हैं. रविवार की सुबह आसाराम के ख़िलाफ़ चल रहे कथित बलात्कार के एक मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. 35 वर्षीय कृपाल सिंह पर शुक्रवार की रात को शाहजहांपुर के पुवायन इलाक़े में दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने तब गोलियां चलाई थीं, जब वह अपने घर लौट रहे थे.

तीन गवाहों की हत्या
कृपाल सिंह से पहले, आसाराम के करीबी रहे और बाद में सरकारी गवाह बन गए अमरुत प्रजापति की राजकोट और दिनेश गुप्ता की मुज़फ़्फ़रनगर में अलग-अलग हमलों में हत्या कर दी गई है. अब तक आसाराम और साईं के ख़िलाफ़ मामलों से संबंधित 9 गवाहों पर हमले हुए हैं. आसाराम के ख़िलाफ़ जोधपुर और अहमदाबाद में कथित बलात्कार के मामले चल रहे हैं. उनके बेटे नारायण साईं पर भी सूरत में कथित बलात्कार का एक मामला चल रहा है. इन तीनों ही मामलों में इन 9 लोगों को महत्वपूर्ण गवाह माना जा रहा है.

कई सवाल हैं अनसुलझे
सूरत में दिनेश भागचंदानी पर हुए एसिड हमले में आस-पास के लोगों ने एक हमलावर किशोर बोदके को दबोच लिया था.बाद में बोदके ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि उन्होंने आसाराम के कर्नाटक स्थित आश्रम के एक अनुयायी के निर्देश पर ये हमला किया था. बोदके की जेब से मिली एक हस्तलिखित चिट में गुजरात में रह रहे छह गवाहों के नाम मिले थे, जिनमें से पाँच पर हमला हो चुका था.

बोदके से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था, बाद में दोनों को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.
इसके अलावा पुलिस हमले के किसी और मामले को नहीं सुलझा सकी. गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि हमले कई राज्यों में हुए हैं और इनके बीच तार जोड़ना बहुत मुश्किल है.

एजेंसी इनपुट भी

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